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अर्धांगिनी पर कविता

जो दुख में भी साथ देती है
जो मुश्किल हालत में साथ होती है
जो ना छोड़ती है साथ कभी
उसे ही अर्धांगिनी कहते है।
 
जो खुदका घर छोड़ देती है
पति के घर को अपना समझती है
जो रिश्तों को बखूबी निभाती है
उसे ही अर्धांगिनी कहते है।
 
जो आंख बंद कर पति पर विश्वास दिखाती है
तुम हर जंग जीतोगे भरोसा दिलाती है
जो सफलता की हकदार कहलाती है
उसे ही अर्धांगिनी कहते है।
जो हर वचनों को निभाती है
जो सारा जनम पति की बनकर रहती है
जो हाथ पकड़कर चलती है
उसे ही अर्धांगिनी कहते है।
 
जो कभी पत्नि बन जाती है
तो कभी बहू बन जाती है
जो दिलाती है हक पिता बनने का
उसे ही अर्धांगिनी कहते हैं।

Title: अर्धांगिनी पर कविता

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


इंतज़ार || intezAar || hindi love poetry

कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।

हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।

पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..

सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |

Title: इंतज़ार || intezAar || hindi love poetry


Khushboo fulla cho ya || love shayari punjabi

khushboo fulla cho aundi teri yaa
tere to fullan di mainu wali sohni lgdi surkhi tere bullan di💋
kyo krdi ye haar te chhingaar enna tu
wjha bn gyi hun tu meriya pullan di

Title: Khushboo fulla cho ya || love shayari punjabi