ना तेरे लबों से छुई
ना मेरे माथे को लगी
अब के सावन भी प्यासी
तेरे मेरे इश्क़ की जमीं🍂।।
Enjoy Every Movement of life!
ना तेरे लबों से छुई
ना मेरे माथे को लगी
अब के सावन भी प्यासी
तेरे मेरे इश्क़ की जमीं🍂।।
Shehar basakar ab
Sukun liye gaav dhundte hain
Bade ajeeb hai hum log
Hath mein kulhadi liye chaav dhundte hain💯
शहर बसाकर अब
सुकून के लिए गाँव ढूँढते हैं
बड़े अजीब हैं हम लोग
हाथ में कुल्हाड़ी लिए छाँव ढूँढते हैं💯
