ना तेरे लबों से छुई
ना मेरे माथे को लगी
अब के सावन भी प्यासी
तेरे मेरे इश्क़ की जमीं🍂।।
ना तेरे लबों से छुई
ना मेरे माथे को लगी
अब के सावन भी प्यासी
तेरे मेरे इश्क़ की जमीं🍂।।
De lalach mithde haseyan da
Menu rataan nu swaunde ne..!!
Tere sufne ban-than ke sajjna
Har roz milan menu aunde ne..!!
ਦੇ ਲਾਲਚ ਮਿੱਠੜੇ ਹਾਸਿਆਂ ਦਾ
ਮੈਨੂੰ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਸਵਾਉਂਦੇ ਨੇ..!!
ਤੇਰੇ ਸੁਫ਼ਨੇ ਬਣ-ਠਣ ਕੇ ਸੱਜਣਾ
ਹਰ ਰੋਜ਼ ਮਿਲਣ ਮੈਨੂੰ ਆਉਂਦੇ ਨੇ..!!
जो खो गया है क्या कभी वापिस आएगा
दिल भटक रहा है उसकी तैलाश मे , क्या वो मिला जाएगा
न सोचा था कभी साथ रहने की कसमे खा के
वो यू अकेला ही चला जाएगा
जो खो गया है क्या कभी वापिस आएगा ?
न सोचा ज़िंदगी को रंगीन कर , अचानक यू बेरंग कर जाएगा
खवाब दिये थे जो उसने वो अधूरे ही छड़ जाएगा
जो खो गया है क्या कभी वापिस आएगा ?
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