ना तेरे लबों से छुई
ना मेरे माथे को लगी
अब के सावन भी प्यासी
तेरे मेरे इश्क़ की जमीं🍂।।
ना तेरे लबों से छुई
ना मेरे माथे को लगी
अब के सावन भी प्यासी
तेरे मेरे इश्क़ की जमीं🍂।।
Vo roye to bhut par mujhse mooh mod kar roye
Koi majboori hogi jo dil tod kar roye
Mere samne kar diye…Meri tasveer ke tukde
Pta chala mere piche vo unhe jod kar roye
वो रोए तो बहुत पर मुझसे मुंह मोड़ कर रोए,
कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़ कर रोए,
मेरे सामने कर दिए… मेरी तस्वीर के टुकड़े,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़ कर रोए।
Harkatein byan nahi karti
Jtana bhi padta hai
Ishq mein kabi kabi
Ajmana bhi padta hai
Aur kaise shode sath uska
Jo har waqt tha sath hmare
Ab yun Na kehna ki
Shod ke Jana bhi padta hai🍂
हरकते बयां नहीं करती
जताना भी पड़ता है
ईश्क में कभी कभी
आजमाना भी पड़ता है
और कसे छोड़े साथ उसका
जो हर वक्त था साथ हमारे
अब यू ना कहना की
छोड़ के जाना भी पड़ता है 🍂