Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
ਚੁੱਪ ਜਿਹੇ ਜਰੂਰ ਆ
ਪਰ ਸਾਨੂੰ ਸੋਰ ਨਹੀ ਚਾਹਿਦਾ
ਬਾਬੇ ਇੱਕ ਨੇ ਹੀ ਬਸ ਕਰਤੀ
ਸਾਲਾ ਸਾਨੂੰ ਹੁਣ ਕੋਈ ਹੋਰ ਨਹੀ ਚਾਹਿਦਾ
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...