Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
मनाता हूं तो मान जाती है, फितरत तो आज भी वैसी है..
जहां जाकर भी वो मुझे ना भूली, ना जाने वो दुनिया कैसी है..
ना कर सका अलग उसे खुदा भी मुझसे, मेरे प्यार की ताकत ऐसी है..
उसके बाद ना मिला मुझे कोई भी ऐसा, जिसे कह सकूँ के उसके जैसी है..
Bhej da haan me sunehe
roj tareyaan de hathi
pata hunda tainu
je kade tu v raati uth ke
tareyaan nu takeyaa hunda
ਭੇਜ਼ ਦਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਸੁਨੇਹੇ
ਰੋਜ਼ ਤਾਰਿਆ ਹੱਥੀ
ਪਤਾ ਹੁੰਦਾ ਤੈਨੂੰ ਵੀ
ਜੇ ਕਦੇ ਤੂੰ ਵੀ ਰਾਤੀਂ ਉਠ ਕੇ
ਤਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਤੱਕਿਆ ਹੁੰਦਾ