Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |
too badanaam na ho,
sirph isaliye jee raha hoon mai,
varana teree chaukhat pe marane ka,
iraada to roz hee hota hai
तू बदनाम ना हो,
सिर्फ इसलिये जी रहा हूं मै,
वरना तेरी चौखट पे मरने का,
इरादा तो रोज़ ही होता है