Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी
Shad jawe rol dewe ja dilon kad jawe
Kite ohde sitam sab hass ke sahiye..!!
Lakh bura kare sada oh badneet chahe ho ke
Mohobbat apni nu kade bewafa na kahiye..!!
ਛੱਡ ਜਾਵੇ ਰੋਲ ਦੇਵੇ ਜਾਂ ਦਿਲੋਂ ਕੱਢ ਜਾਵੇ
ਕੀਤੇ ਉਹਦੇ ਸਿਤਮ ਸਭ ਹੱਸ ਕੇ ਸਹੀਏ..!!
ਲੱਖ ਬੁਰਾ ਕਰੇ ਸਾਡਾ ਉਹ ਬਦਨੀਤ ਚਾਹੇ ਹੋ ਕੇ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਆਪਣੀ ਨੂੰ ਕਦੇ ਬੇਵਫਾ ਨਾ ਕਹੀਏ..!!