Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
Vajah dhundni hai to muskurane ki dhundo udaasi to bas samay gvane ka ek tareeka hai
वजह ढूंढनी है तो मुस्कुराने की ढूंढो उदासी तो बस समय गवाने का एक तरीका है
बाहर से दिख ने में कुछ पता नहीं चलता।
पानी के अंदर में धारा का प्रवाह बहता।
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वोट देते हैं लोगों, लेकिन विजेता नेता।
नेता बनते है महान, सिर्फ आम ही रहे जाते हैं जनता।
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कवि बुद्धिजीवी और बुद्धिमान दोनों ही होते।
बहुत सारे बुद्धिजीवी बुद्धिमान नहीं हैं और बहुत बुद्धिमान भी बुद्धिजीवी हो नहीं पाते।
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कोविशिल्ड और कोवैक्सीन में सिर्फ नाम का अंतर।
सब इंसान एक हैं, अलग हैं व्यवहार।
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बारिश हो रही है, होने दो।
इंसान दुखी है, रोने दो।
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जिंदगी का मतलब हर वक्त पर दर्द को सम्हालना।
दवा और मलहम नियति की हात का खिलौना।
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दिल की बात रखो दिल में।
दूसरे जानकर मजा लेंगे और दिल जलेगी आग में।
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भूख जिसे चोरी करना सिखाया, वो बेकसूर है।
असली चोर तो वो है, जो ज्यादा खा के भी लालच करता है।
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कुत्ते के साथ मुँह मत लगाना।
गंदे के मुँह मत देखना।
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घने बादल हमेशा बारिश नहीं लाते।
कभी कभी ख़ुशी में भी गम नहीं जाते।
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अगर औरत की साथ प्यार हो तो वो रोमांस है।
लेकिन कोई मर्द का साथ प्यार हो ना ओफ्फेंस है।
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सब दोस्ती प्यार नहीं बनते।
सब रिश्ते रिश्तेदार भी नहीं लाते।
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पागलखाने में पागल नहीं रहते।
पागलपन सब के दिमाग में, मानसिक इसे ही कहते।
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पूजा जितना भी करो, मंत्र हज़ार बार पढ़ो, भगवान खुश नहीं।
लोकतंत्र की पुजारी ही असली पुजारी, सच यही।
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चादर में सोए रहो या बिस्तर पर, नींद होनी चाहिए।
दिल से प्यार करो या दिमाग से, आस्था होनी चाहिए।
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पहाड़ से नदी निकलती है और मिलती है सागर में।
पत्थर गतिरोधक, नदी जीवन की गति और समुद्र नियति है।
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Asi raah de bhule musaafir haa
saanu bhuleyaa nu raah vikha de rabba
saanu tor de us raah te rabba
jithe vichhde sajjan mil jaan rabba
asi hathi kutt kutt deyiye chooriyaa ohna nu
uh reejha la la khaan raba
maut da bhora khauf ni saabi nu
baaha ohna diyaa vich nikle sadi jaan rabba
ਅਸੀਂ ਰਾਹ ਦੇ ਭੁੱਲੇ ਮੁਸਾਫ਼ਿਰ ਹਾਂ,
ਸਾਨੂੰ ਭੁੱਲਿਆਂ ਨੂੰ ਰਾਹ ਵਿਖਾ ਦੇ ਰੱਬਾ,
ਸਾਨੂੰ ਤੋਰ ਦੇ ਉਸ ਰਾਹ ਤੇ ਰੱਬਾ,
ਜਿਥੇ ਵਿਛੜੇ ਸੱਜਣ ਮਿਲ ਜਾਣ ਰੱਬਾ,
ਅਸੀਂ ਹਥੀਂ ਕੁੱਟ ਕੁੱਟ ਦੇਈਏ ਚੂਰੀਆਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ,
ਉਹ ਰੀਝਾਂ ਲਾ ਲਾ ਖਾਣ ਰੱਬਾ,
ਮੌਤ ਦਾ ਭੋਰਾ ਖੌਫ ਨੀ “ਸਾਬੀ” ਨੂੰ,
ਬਾਹਾਂ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਨਿਕਲੇ ਸਾਡੀ ਜਾਨ ਰੱਬਾ।