वो शखस मुझे पल भर में,
खुश और उदास करने की ताक़त रखता है🫣❤️
वो शखस मुझे पल भर में,
खुश और उदास करने की ताक़त रखता है🫣❤️
“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था
“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
Mere dil di har kahani da vazood tu hai
har shaam varde khaareyaan di boond tu hai
mere adhoore khawaban di neend tu hai
meri shayari de alfazan di umeed tu hai
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੀ ਹਰ ਕਹਾਣੀ ਦਾ ਵਾਜੂਦ ਤੂੰ ਹੈ
ਹਰ ਸ਼ਾਮ ਵਰਦੇ ਖਾਰਿਆਂ ਦੀ ਬੂੰਦ ਤੂੰ ਹੈ
ਮੇਰੇ ਅਧੂਰੇ ਖਵਾਬਾਂ ਦੀ ਨੀਂਦ ਤੂੰ ਹੈ
ਮੇਰੀ ਸ਼ਾਇਰੀ ਦੇ ਅਲਫਾਜ਼ਾਂ ਦੀ ਉਮੀਦ ਤੂੰ ਹੈ