मेरे होंठों पे तेरा नाम था
मेरी आंखों में तेरा खाॉब था
सोचा की तेरे नाम जिंदगी कर दूं
लेकिन तु तो पहले ही किसी ओर का था
मेरे होंठों पे तेरा नाम था
मेरी आंखों में तेरा खाॉब था
सोचा की तेरे नाम जिंदगी कर दूं
लेकिन तु तो पहले ही किसी ओर का था
कांटों से लिपट कर हम सो गए ,
वो फूलों पर करवट बदलते रहे,
वो सोए रहे सुकून से मखमली बिस्तर पर
और हम चिराग की तरह जलते रहे,,
अरे वो तो कब का छोड़ चुके थे मेरा साथ बीच रस्ते में,
और एक हम थे कि वो मेरे साथ है ये सोच कर बस चलते रहे,,
मैं तो हर मोड़ पर साथ था उनके, बचाता रहा उन्हें हर ठोकरों से,
और एक वो है जो मुझे ठोकर मारा कर चले गए, और हम खुद ही गिरते रहे संभलते रहे,,
फिर भी मुझे कोई गिला नहीं, कोई शिकवा नहीं,
हो जाए अगर मुकम्मल इश्क तो फिर वो इश्क ही क्या, ओर इश्क का मजा ही क्या,
यारो इश्क का मजा तो तब है जब दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे, दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे।।
नितीश कुमार ✍️
Na kahi chain hai, Na kahi karar hai
Bda bura rog ye, jiska naam pyar hai 💕
Lagi hai kisi apne ki nazar fakir
Is baar jism nhi, ye rooh bimar hai 🥀
ना कही चेन है,और ना कही क़रार है
बड़ा बुरा रोग ये,जिसका नाम प्यार है💕
लगी है किसी अपने की नजर फकीर
इस बार जिस्म नहीं, ये रूह बीमार है🥀