मेरे होंठों पे तेरा नाम था
मेरी आंखों में तेरा खाॉब था
सोचा की तेरे नाम जिंदगी कर दूं
लेकिन तु तो पहले ही किसी ओर का था
Enjoy Every Movement of life!
मेरे होंठों पे तेरा नाम था
मेरी आंखों में तेरा खाॉब था
सोचा की तेरे नाम जिंदगी कर दूं
लेकिन तु तो पहले ही किसी ओर का था
उठे थे हाथ जिनके,
उन्ही दुआओं का असर हूं,
चिराग़ सी हैं नज़रें मेरी
जैसे सुबह की पहली पहर हूं
धूल से ही तो नाता है मेरा
वहीं ठंडी हवाओं में बसर हूं
कलम से शायर कह दो
होंठों से कहर हूं,
ठहरा है दरिया जो किनारे में
वहीं बहता छोटा सा शहर हूं,
मानों तो प्यास मिले
ना मानों तो ज़हर हूं...
jab tak na lage bevaphaee kee thokar,
har kisee ko apanee pasand pe naajh hota hai..
जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर,
हर किसी को अपनी पसंद पे नाझ होता है..