मेरे होंठों पे तेरा नाम था
मेरी आंखों में तेरा खाॉब था
सोचा की तेरे नाम जिंदगी कर दूं
लेकिन तु तो पहले ही किसी ओर का था
मेरे होंठों पे तेरा नाम था
मेरी आंखों में तेरा खाॉब था
सोचा की तेरे नाम जिंदगी कर दूं
लेकिन तु तो पहले ही किसी ओर का था
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…
Lafz khatam hunde ja rahe ne
Par tere layi mohobbat byan nahi ho pa rahi..!!
ਲਫ਼ਜ਼ ਖ਼ਤਮ ਹੁੰਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਨੇ
ਪਰ ਤੇਰੇ ਲਈ ਮੋਹੁੱਬਤ ਬਿਆਨ ਨਹੀਂ ਹੋ ਪਾ ਰਹੀ..!!