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गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला

गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला

बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला

ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार

वो दिल से कभी, जुदा ना मिला

परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका

कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला

ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका

धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला

उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह

कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला

Title: गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


स्त्री हूं मैं

        स्त्री हूं मैं……

स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है

मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।

अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं

तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।

अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी

उसमे भी खोट नजर आती है।

मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।

यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती

एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।

मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है

मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।

Title: स्त्री हूं मैं


Ek anjana sakhsh || sad hindi shayari || best lines

Aaj labon tak aate aate jaam nashila foot gya!
Lagta hai jese hath kisi ka hath se mere shoot gya!
Kitni mannat mangi thi mene usko pane ki lekin!
Ek anjana sakhsh hi aakar usko mujse loot gya!!

आज लबों तक आते- आते जाम नशीला फूट गया!
लगता है जैसे हाथ किसी का हाथ से मेरे छूट गया!
कितनी मन्नत मांगी थी मैंने उसको पाने की लेकिन!
एक अनजाना शख्स ही आकर उसको मुझसे लूट गया!!

Title: Ek anjana sakhsh || sad hindi shayari || best lines