चार कदम चोर से , चार सौ
कदम चुगलखोर से हमेशा
दूरी बना के रखो |🙌
Enjoy Every Movement of life!
चार कदम चोर से , चार सौ
कदम चुगलखोर से हमेशा
दूरी बना के रखो |🙌
Unki samaj hamari samaj ko kabhi samaj hi naa payi vo is kadar nasamjh huye ki hamari paak mohabbat unhe na bhayi
उनकी समझ हमारी समझ को कभी समझ ही न पाई वो इस कदर नासमझ हुए कि हमारी पाक मोहब्बत उन्हें न भाई
किसी ने अच्छा,किसी ने बुरा बताया है
मेरे बारे जिसने जो सुना,वही सुनाया है
हम दोनो के दिन पर,टंगी है एक तख्ती
उसने सावधान, हमने खतरा लगाया है
हम जब जब बढ़े हैं,तो गिराया है उसने
वो जब जब गिरा, हमने हाथ बढ़ाया है
भैरव,मेरा कोहिनूर,ये पूछ रहा है हमसे
अरे क्यूं नाम के आगे,फ़कीर लगाया है