चार कदम चोर से , चार सौ
कदम चुगलखोर से हमेशा
दूरी बना के रखो |🙌
चार कदम चोर से , चार सौ
कदम चुगलखोर से हमेशा
दूरी बना के रखो |🙌
es duniyaa de aajeeb tamashe
hanjuaan de bhaa vikde ne haase
dushman ban ke vaar chlaunde
sajjan ban k den dilaase
ਇਸ ਦੁਨੀਆ ਦੇ ਅਜ਼ੀਬ ਤਮਾਸ਼ੇ
ਹੰਝੂਆਂ ਦੇ ਭਾਅ ਵਿਕਦੇ ਨੇ ਹਾਸੇ
ਦੁਸ਼ਮਣ ਬਣ ਕੇ ਵਾਰ ਚਲਾਉਂਦੇ
ਸੱਜਣ ਬਣ ਕੇ ਦੇਣ ਦਿਲਾਸੇ
ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम