सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
Enjoy Every Movement of life!
सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
Yun to bheed kaafi huya karti thi, mehfil mein meri,
Fir mein sach bolta gya aur log uthte gaye..!💯
यूँ तो “भीड़” क़ाफी हुआ करती थी,”महफ़िल” में मेरी,
फिर मैं “सच” बोलता गया..और लोग “उठते” गए..!💯
Khuda ko bhul gye log fikr-e-rozi mein
Rizk kamane me razik ko bhul gye..
खुदा को भूल गए लोग फिक्र-ए-रोज़ी में
रिज़्क़ कमाने में राजिक को भूल गए..