सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
ख़ुद को समझ लें
उस ग़ुरूर से बचाना ईश्वर
कि बंद करने को
कुछ न रहे पास
दीवार ही सही
कमर टिकाई हो जिस पर
कभी किसी कमज़ोर पल
उस पर थूक सकने की
जहालत से भी बचाना
पर वह साहस ज़रूर देना
जो मुँह से बाहर निकलते दिल को पकड़ सके
सँभाल सके और कह सके
कि जो पाया उसे लौटाने से ज़्यादा ज़रूरी है
उस भूमिका को सँभालना जो हम निभाते हैं
अपने या किसी और के जीवन में
माफ़ कर सकें उनसे ज़्यादा खुद को
याद रख सकें बस इतना
कि विश्व के सबसे अलोकप्रिय लोगों ने बख़्शी जान हमें
उन्हें सबने नज़रंदाज़ किया
उनके पैरों में सारे आँसू वार दें
उनकी हथेली में बिखेर सकें सारी हँसी
जब कह देना ही सब कुछ हो
चुप रह सकें उस वक़्त
कड़वी बात को यूँ ज़ब्त कर लें
नाख़ूनों में भर लें
खुरचकर धरती सारी।
Unki galiyon mein se guzre to pta chala…
Unke paon to kabi zameen par lge hi nhi
Jinhone sath chalne ki kasmein khayi thi..!!
उनकी गलीयों में से गुज़रे तो पता चला
उनके पांव तो कभी ज़मीन पर लगे ही नहीं
जिन्होंने साथ चलने की कसमें खाई थी..!!