सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
Enjoy Every Movement of life!
सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
Karlo ibadat bhi is waqt se,
Ke laut aaye bachpan ek baar fir
Jab rukte nahi the pair khuwabon ke piche se
Daudti rahe ye dhadkan ek bar fir…❤️
करलो इबादत भी इस वक्त से,
के लौट आए बचपन एक बार फिर…
जब रुकते नहीं थे पैर ख्वाबों के पीछे से,
दौड़ती रहे ये धड़कन एक बार फिर…❤️
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...