सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
“Blessed are the individuals who can give without remembering and take without neglecting.”
“Do one thing consistently that alarms you.”
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।