सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
सब ज़रूरत की बात है…
सब ज़रूरत की बात है…
वरना उसने भी साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं…
आज तिरंगा फहराया है अपनी पूरी शान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
आजादी के लिए हमारी लम्बी लड़ाई चली थी
लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत बड़ी चुकाई थी
व्यापारी बनकर आये और छल से हम पर राज किया
हमको आपस में लडवाने की नीति अपनाई थी
हमने अपना गौरव पाया अपने स्वाभिमान से
हमे मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
गाँधी तिलक सुभाष जवाहर का यह प्यारा देश है
जियो और जीने दो सबको देता ये संदेश हैं
प्रहरी बनकर खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार पर
हिन्द महासागर दक्षिण में इसके लिए विशेष हैं
लगी गूंजने दसो दिशाएं वीरों के यशगान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
हमें अपनी मातृभूमि इतना मिला दुलार है
इसके आंचल की छैया से ये छोटा संसार है
हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएगे
सच पूछो तो पूरा विश्व ही हमारा परिवार है
विश्व शांति की चली हवाएं अपने हिंदुस्तान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
Ruki hui thee sanse teri aahat sunke na jaane kab tum aaye aur ye dil fir se dhadkne laga
Na dua kaam aayi na dawa jab bhi yaad kiya tujhe jubaan pe tera naam aaya