गर रही हो जिंदगी बेरंग सी, अंदाज बदल दीजिये.|
हर बार लहजे को नही कभी, अल्फाज बदल दीजिये|
चाहते हो यदि जायका जिंदगी का करो
म्शक्कत इतनी सिद्दत से, की हालत बदल दीजिये |
गर रही हो जिंदगी बेरंग सी, अंदाज बदल दीजिये.|
हर बार लहजे को नही कभी, अल्फाज बदल दीजिये|
चाहते हो यदि जायका जिंदगी का करो
म्शक्कत इतनी सिद्दत से, की हालत बदल दीजिये |
ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!
kahaniyaa reh jandi hai adhoori
kar vishwaas jhoothe lokaa te
pyar na kareyaa karo
tusi kehrra man na ee je me rokaa te
ਕਹਾਣੀਆਂ ਰਹੀਂ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਧੂਰੀ
ਕਰ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਝੁਠੇ ਲੋਕਾਂ ਤੇ
ਪਿਆਰ ਨਾਂ ਕਰਿਆ ਕਰੋ
ਤੁਸੀਂ ਕੇਹੜਾ ਮੰਨ ਨਾ ਐਂ ਜੇ ਮੈਂ ਰੋਕਾ ਤੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷