गर रही हो जिंदगी बेरंग सी, अंदाज बदल दीजिये.|
हर बार लहजे को नही कभी, अल्फाज बदल दीजिये|
चाहते हो यदि जायका जिंदगी का करो
म्शक्कत इतनी सिद्दत से, की हालत बदल दीजिये |
गर रही हो जिंदगी बेरंग सी, अंदाज बदल दीजिये.|
हर बार लहजे को नही कभी, अल्फाज बदल दीजिये|
चाहते हो यदि जायका जिंदगी का करो
म्शक्कत इतनी सिद्दत से, की हालत बदल दीजिये |
Tu Rakh le sambh k pyar apne nu
asin tanhayiaan naal g launa sikh leya
ਤੂੰ ਰੱਖ ਲੈ ਸਾਂਭ ਕੇ ਪਿਆਰ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਅਸੀਂ ਤਨਹਾਈਆਂ ਨਾਲ ਜੀ ਲਾਉਣਾ ਸਿਖ ਲਿਆ
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो