गर रही हो जिंदगी बेरंग सी, अंदाज बदल दीजिये.|
हर बार लहजे को नही कभी, अल्फाज बदल दीजिये|
चाहते हो यदि जायका जिंदगी का करो
म्शक्कत इतनी सिद्दत से, की हालत बदल दीजिये |
Enjoy Every Movement of life!
गर रही हो जिंदगी बेरंग सी, अंदाज बदल दीजिये.|
हर बार लहजे को नही कभी, अल्फाज बदल दीजिये|
चाहते हो यदि जायका जिंदगी का करो
म्शक्कत इतनी सिद्दत से, की हालत बदल दीजिये |
तुझे दिल ने इस कदर चाहा है कि,
अब तो सांस भी तेरे नाम से चल रही हैं,
ये नज़रे तेरे दीदार से खुल रही हैं,
तेरे हाथों की नर्मी से मेरे चेहरे पर खुशी दमक रही है,
तेरी बातों से मेरे लब खिल रहे हैं,
मेरा मुझ में कुछ बचा ही नहीं,
अब तो मेरी जिंदगी तेरी जिंदगी से चल रही है।।
ab apane zakhm dikhaoon kise aur kise nahin,
begaane samajhate nahin aur apano ko dikhate nahin…
अब अपने ज़ख़्म दिखाऊँ किसे और किसे नहीं,
बेगाने समझते नहीं और अपनो को दिखते नहीं…