गर रही हो जिंदगी बेरंग सी, अंदाज बदल दीजिये.|
हर बार लहजे को नही कभी, अल्फाज बदल दीजिये|
चाहते हो यदि जायका जिंदगी का करो
म्शक्कत इतनी सिद्दत से, की हालत बदल दीजिये |
Enjoy Every Movement of life!
गर रही हो जिंदगी बेरंग सी, अंदाज बदल दीजिये.|
हर बार लहजे को नही कभी, अल्फाज बदल दीजिये|
चाहते हो यदि जायका जिंदगी का करो
म्शक्कत इतनी सिद्दत से, की हालत बदल दीजिये |
Kuchh apna andaaz hai kuchh mausam rangeen hai
tareef karu yaa chup rahu jurm dono hi sangeen hai
कुछ अपना अंदाज हैं कुछ मौसम रंगीन हैं,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो ही संगीन हैं ?
Sacha dost आइना और परछाई ki tarah hota hai आइना kbhi jhooth nhi bolta परछाई kabhi sath nhi chodti 💯