हर वक़्त तू ख़ता है तू मेरा है
रात को अंधेरे में रहता सुबह उठा जैसे एक सवेरा है
मत कर अब यू दग़ाबाज़ी , मुझे सब बातों का पता है
हेम अपना बताकर गैरो से बाटीं करना ये कॉन्सी ख़ता है
मत कर ये ढोंग अब मुझे सब बातों का पता है
~shobhit
Enjoy Every Movement of life!
हर वक़्त तू ख़ता है तू मेरा है
रात को अंधेरे में रहता सुबह उठा जैसे एक सवेरा है
मत कर अब यू दग़ाबाज़ी , मुझे सब बातों का पता है
हेम अपना बताकर गैरो से बाटीं करना ये कॉन्सी ख़ता है
मत कर ये ढोंग अब मुझे सब बातों का पता है
~shobhit
तेरी आंखों में ये आज शरारत नई है
बदन में मेरे उठी ये हरारत नई है
क्या ये सब मेरे इश्क़ का असर है
या तेरे दिल में ये पल रही चाहत नई है
ये तेरे मस्कारे ये तेरा जुल्फे संवारना
लगता आज किसी पे क़यामत नई है
तेरे बेवफा इशारे खूब समझता हूं
लगता आज मेरे दिल पे शामत नई है
