हर वक़्त तू ख़ता है तू मेरा है
रात को अंधेरे में रहता सुबह उठा जैसे एक सवेरा है
मत कर अब यू दग़ाबाज़ी , मुझे सब बातों का पता है
हेम अपना बताकर गैरो से बाटीं करना ये कॉन्सी ख़ता है
मत कर ये ढोंग अब मुझे सब बातों का पता है
~shobhit
हर वक़्त तू ख़ता है तू मेरा है
रात को अंधेरे में रहता सुबह उठा जैसे एक सवेरा है
मत कर अब यू दग़ाबाज़ी , मुझे सब बातों का पता है
हेम अपना बताकर गैरो से बाटीं करना ये कॉन्सी ख़ता है
मत कर ये ढोंग अब मुझे सब बातों का पता है
~shobhit
kabra udeek diya
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jeyo puttra nu mawa
kabra udeek diya
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jeyo puttra nu mawa
loka mera geet sun leh
par dukh na kise ne ve janeya
lakh mera seesh chum gaye
par mukhra na kise ne pehchaneya
ajj ohse mukhre toh
peya apna mein aap lukava-2
kabra udeek diya
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jeyo puttra nu mawa
kabra udeek diya
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jeyo puttra nu mawa
You can read all his poems from the book “samuchi kavita of shiv kumar batalvi” available at Amazon.
माँ की ममता ईश्वर का वरदान है
सच पूछो तो माँ, इन्सान नहीं भगवान है
माँ के चरणों में जन्नत का हर रूप होता है
माँ में हीं ईश्वर का हर स्वरूप होता है
माँ, जो हर बच्चे के दिल की चाह होती है
मुसीबत में एक नई राह होती है
जो हर किसी के करीब नहीं होती
जो हर किसी को नसीब नहीं होती
माँ की एहमियत उनसे पूछो जिनकी माँ नहीं होती है
जो हर बच्चे की जान होती है
जो हर रिश्ते का मान होती है
सभी का एक मात्र अरमान होती है
हर किसी को माँ की ममता मिले, अपनी माँ से
कभी कोई न बिछड़े अपनी माँ से
यही है मेरी एक मात्र दुआ उस खुदा से
जिनकी माँ हो, उसे क्या पता कि माँ क्या होती है
माँ को जानना है तो उनसे पूछो जिनकी माँ नहीं होती है