तू सुन मेरी मंजिल
लोगों के हाथ में है खंजर🗡️
बहार से जो दिख रहा है
वह नहीं है उनके अंदर💔
Manisha mann🖊️
Enjoy Every Movement of life!
तू सुन मेरी मंजिल
लोगों के हाथ में है खंजर🗡️
बहार से जो दिख रहा है
वह नहीं है उनके अंदर💔
Manisha mann🖊️
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
वफ़ा के शीश महल में सजा लिया मैनें ,
वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैनें,
ये सोच कर कि न हो ताक में ख़ुशी कोई ,
ग़मों कि ओट में ख़ुद को छुपा लिया मैनें,
कभी न ख़त्म किया मैं ने रोशनी का मुहाज़ ,
अगर चिराग़ बुझा, दिल जला लिया मैनें,
कमाल ये है कि जो दुश्मन पे चलाना था ,
वो तीर अपने कलेजे पे खा लिया मैनें |