तू सुन मेरी मंजिल
लोगों के हाथ में है खंजर🗡️
बहार से जो दिख रहा है
वह नहीं है उनके अंदर💔
Manisha mann🖊️
तू सुन मेरी मंजिल
लोगों के हाथ में है खंजर🗡️
बहार से जो दिख रहा है
वह नहीं है उनके अंदर💔
Manisha mann🖊️
हर दिन वही सूरज निकलता है,
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp
Mujhe murda samjh kar ro le,
Ab agr mein zinda hoon,
To tere liye nhi hoon..
मुझे मुर्दा समझकर रो ले,
अब अगर मै ज़िंदा हूँ,
तो तेरे लिए नहीं हूँ।