तू सुन मेरी मंजिल
लोगों के हाथ में है खंजर🗡️
बहार से जो दिख रहा है
वह नहीं है उनके अंदर💔
Manisha mann🖊️
Enjoy Every Movement of life!
तू सुन मेरी मंजिल
लोगों के हाथ में है खंजर🗡️
बहार से जो दिख रहा है
वह नहीं है उनके अंदर💔
Manisha mann🖊️
Kuch paane ki khwahish thi,
Ab sab kuch gwa kar baitha hun
Kaise nazrein milayu zamane se mein
Bas abhi abhi,
Mein apna ghar jala kar baitha hun…💔
कुछ पाने की ख़्वाहिश थी,
अब सब कुछ गंवा कर बैठा हूँ,
कैसे नज़रें मिलाऊ ज़माने से मैं,
बस अभी अभी,
मैं अपना घर जला कर बैठा हूँ…💔
