तू सुन मेरी मंजिल
लोगों के हाथ में है खंजर🗡️
बहार से जो दिख रहा है
वह नहीं है उनके अंदर💔
Manisha mann🖊️
तू सुन मेरी मंजिल
लोगों के हाथ में है खंजर🗡️
बहार से जो दिख रहा है
वह नहीं है उनके अंदर💔
Manisha mann🖊️
हर जंग ज़िंदगी की हमने खुद को मिटाकर लड़ी है,
हर बार हार को हँस कर गले लगाया है,
कभी परायों ने ज़ख़्म दिए, कभी अपनों ने रुलाया है,
क्या बताएँ आपको — हमने इस सफर में खुद को कितना खोया है।
हर बार हार को हँस कर गले लगाया है,
कभी परायों ने ज़ख़्म दिए, कभी अपनों ने रुलाया है,
क्या बताएँ आपको — हमने इस सफर में खुद को कितना खोया है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp
चार दिन की दोस्ती को कभी यार नही कहते
किसी लडकी के फ्रेंडशिप को प्यार नही कहते…
Char din ke dosti ko kabhi yaar nahi kahte, .
Kisi ladkike frienshipko pyarnahi kahate..