तेरी यादों के साये ,
मुझे घेरे रहते हैं,
ना दिन को चैन,
ना रात में सोने देते हैं।
Enjoy Every Movement of life!
तेरी यादों के साये ,
मुझे घेरे रहते हैं,
ना दिन को चैन,
ना रात में सोने देते हैं।
हादसे का क्या भरोसा,
शायद अगले पल होगा,
फिर भी चल रही है धड़कने तो
दिल थाम लेना
शायद ज़िन्दगी में नए इश्तहार अभी बाकी है
सांसों को थमने का इंतजार करना होगा
किसी का वाजिब इंतजार अभी बाकी है
देहलीज़ पर दस्तक देकर
हम दिल हो जाऊ सबसे
बेशक,
मुझसे थोड़ी सांसे अब भी बाकी है...
