तेरी यादों के साये ,
मुझे घेरे रहते हैं,
ना दिन को चैन,
ना रात में सोने देते हैं।
Enjoy Every Movement of life!
तेरी यादों के साये ,
मुझे घेरे रहते हैं,
ना दिन को चैन,
ना रात में सोने देते हैं।
इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ
अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं
क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया
उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं
Nahi milega mujh jaisa tujhe koi chahne waala…
Jaa tujhe ijaazat hai saari duniyà aazma kar dekh le