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थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै || Hindi poetry

“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।

फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।

हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।

याद तो करता हूँ मैं सभी को…
और परवाह भी करता हूँ सब की,
पर कितनी करता हूँ…
बस, बताना छोड़ दिया है।।”

Title: थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै || Hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Kaanton pe bhi hak hmara nhi || sad hindi shayari

Chal mere hamnashi ab kahi aur chal,
Is chaman mein ab apna guzara nhi,
Baat hoti gulo tkk to seh lete hum,
Ab kaanton pe bhi hak hmara nahi💔

चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल,
इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं,
बात होती गुलों तक तो सह लेते हम,
अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं।💔

Title: Kaanton pe bhi hak hmara nhi || sad hindi shayari


Dhoka || hindi shayari || sad shayari

दूर हमारी नज़र थी
आँखों के निचे खंजर था… 
और वार करने वाले वो अपने थे
जिनका दिल हमें लगता फूल जैसे सुन्दर था…