१ के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सी सरमति हो
और पता नही क्यों
तुम मुझे इस तरह देखकर
यू फिसल जाती हो
२ के तुम्हारी आंखों को देखकर
कयामत आ जाती है
और तुम मेरे दिल में बसी हो इस तरह
के मौत भी दूर भागती है
Enjoy Every Movement of life!
१ के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सी सरमति हो
और पता नही क्यों
तुम मुझे इस तरह देखकर
यू फिसल जाती हो
२ के तुम्हारी आंखों को देखकर
कयामत आ जाती है
और तुम मेरे दिल में बसी हो इस तरह
के मौत भी दूर भागती है
Woh Nahi jaanti maine kis kadar aapno ko khoyeaa hai
Vikram jo hasaata tha kabhi auroon ko
Aaaj woh kitna foot foott royea hai
वो नही जानती मैंने किस कदर अपनों को खोया है,
विक्रम जो हँसाता था कभी औरों को आज वो कितना फूट फूट रोया है।
