१ के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सी सरमति हो
और पता नही क्यों
तुम मुझे इस तरह देखकर
यू फिसल जाती हो
२ के तुम्हारी आंखों को देखकर
कयामत आ जाती है
और तुम मेरे दिल में बसी हो इस तरह
के मौत भी दूर भागती है
१ के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सी सरमति हो
और पता नही क्यों
तुम मुझे इस तरह देखकर
यू फिसल जाती हो
२ के तुम्हारी आंखों को देखकर
कयामत आ जाती है
और तुम मेरे दिल में बसी हो इस तरह
के मौत भी दूर भागती है
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।
ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਵਾਅਦੇ ਕਰ ਲੈਣਾ, ਫਿਰ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਗੱਲ ਤੇ ਨਾਰਾਜ਼ ਹੋ ਕੇ ਜਾਂ ਮਜ਼ਬੂਰੀ ਦੱਸ ਕੇ ਰਿਸ਼ਤਾ ਖਤਮ ਕਰ ਲੈਣਾ..ਕਿ ਇਸਨੂੰ ਪਿਆਰ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ? ਸੋੋਚੋ !
Kise Naal Pehla Waade Kar Laina, Fer Baad Vich Kise Gal Te Naraz Ho Ke Ya Fer Majburi Das Ke Rishta Khatam Kar Laina, Ki Isnu Hi Pyar Kehnde Ne? Socho!