दिल में है आग,
सीने में जलन,
जब तुम चली गई,
अकेला हो गया तुम्हारा सनम ||
दिल में है आग,
सीने में जलन,
जब तुम चली गई,
अकेला हो गया तुम्हारा सनम ||
Supne ch aaye oh mere ban ke
Gallan rooh naal karn de ishare dekhe mein..!!
Akhan chamkdiya noir chehre utte
Ajj kayi saal baad oh nazare dekhe mein..!!
ਸੁਪਨੇ ‘ਚ ਆਏ ਉਹ ਮੇਰੇ ਬਣ ਕੇ
ਗੱਲਾਂ ਰੂਹ ਨਾਲ ਕਰਨ ਦੇ ਇਸ਼ਾਰੇ ਦੇਖੇ ਮੈਂ..!!
ਅੱਖਾਂ ਚਮਕਦੀਆਂ ਨੂਰ ਚਿਹਰੇ ਉੱਤੇ
ਅੱਜ ਕਈ ਸਾਲ ਬਾਅਦ ਉਹ ਨਜ਼ਾਰੇ ਦੇਖੇ ਮੈਂ..!!
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।