दिल में है आग,
सीने में जलन,
जब तुम चली गई,
अकेला हो गया तुम्हारा सनम ||
Enjoy Every Movement of life!
दिल में है आग,
सीने में जलन,
जब तुम चली गई,
अकेला हो गया तुम्हारा सनम ||
Even today the traces of your footsteps remains the same, because I do not allow anyone to pass through that path.
डाल हिलाकर आम बुलाता तब कोयल आती है। नहीं चाहिए इसको तबला, नहीं चाहिए हारमोनियम, छिप-छिपकर पत्तों में यह तो गीत नया गाती है! चिक्-चिक् मत करना रे निक्की, भौंक न रोजी रानी, गाता एक, सुना करते हैं सब तो उसकी बानी। आम लगेंगे इसीलिए यह गाती मंगल गाना, आम मिलेंगे सबको, इसको नहीं एक भी खाना। सबके सुख के लिए बेचारी उड़-उड़कर आती है, आम बुलाता है, तब कोयल काम छोड़ आती है।