पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ,
हरा भरा जीवन बनाओ।
छाया ये हमको देते है,
फल ये हमको देते है।
बाढ़ से हमको बचाते है,
प्रदुषण दूर हटाते हैं,
हम भी पेड़ लगाएंगे,
संसार को हरा भरा बनाएंगे।
पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ,
हरा भरा जीवन बनाओ।
छाया ये हमको देते है,
फल ये हमको देते है।
बाढ़ से हमको बचाते है,
प्रदुषण दूर हटाते हैं,
हम भी पेड़ लगाएंगे,
संसार को हरा भरा बनाएंगे।
Jaana tan pena ye Zindagi hove yaa kise toh door
Marna tan pena ye itho ya kise te hoke majboor
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी