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प्यार || pyar || hindi poetry

“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था  

“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I

Title: प्यार || pyar || hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


आईना और अकेलापन

हर रोज़ आईने से पूछा करते हैं, बता हमारी तक़दीर में क्या है,
ये अकेलापन कभी तो हमारा साथ छोड़ेगा, हमारी ज़िंदगी में उनके साथ की रोशनी लाएगा,
हर बार आईना उदास होकर कहता है,
ये दिल-ए-नादान किसी से इस क़दर मोहब्बत न कर, कि उनके न होने से तेरा वजूद मिट जाए।


Rabb kehnda || so sad 2 lines shayari punjabi

rabb kehnda me taa man jaana c
ohne tainu kade maneyaa hi nahi

ਰੱਬ ਕਹਿੰਦਾ ਮੈਂ ਤਾਂ ਮੰਨ ਜਾਣਾ ਸੀ 😕
ਉਹਨੇ ਤੈਂਨੂੰ ਕਦੇ ਮੰਗਿਆ ਹੀ ਨਹੀਂ ☹️ 🥀

Title: Rabb kehnda || so sad 2 lines shayari punjabi