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प्यार || pyar || hindi poetry

“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था  

“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I

Title: प्यार || pyar || hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


(पेड़ के जीवन की कथा)

आओ सुनाओ अपने जीवन की कथा 

नाम है पेड़ दूर करता हूं सब की व्यथा 

कितना विशाल कितना घना हूं 

फल और फूलों से लदा हूं

मेरी ही छाया में आकर 

तुम अपनी थकान मिटाते हो 

मीठे फल और सुंदर फूल 

तुम मुझसे ही ले जाते हो

दूषित हवा तुम मुझको देकर 

खुद प्राणवायु मुझसे पाते हो

अपने ही जीवन के आधार पर 

तुम कुल्हाड़ी जब बरसाते हो

मुझसे ही मेरा सब कुछ लेकर 

तुम दर्द मुझे दे जाते हो

देता हूं बारिश का पानी 

हरियाली मुझसे पाते हो

करता हूं इतने उपकार 

फिर भी सहता तुम्हारे अत्याचार

Title: (पेड़ के जीवन की कथा)


see baat se laga || Attitude Hindi shayari

isee baat se laga lena meree shoharat ka andaaja,
vo mujhe salaam karate hai jinhe tu salaam karatee hain…

इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा,
वो मुझे सलाम करते है जिन्हे तु सलाम करती हैं…

Title: see baat se laga || Attitude Hindi shayari