Skip to content

प्यार || pyar || hindi poetry

“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था  

“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I

Title: प्यार || pyar || hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Deewanapan || hindi shayari

Jisne Kabhi Mujhe Mudkar Bhi Nahi Dekha
Use Mere Pyar Ka Kya ehsaas Hoga
Mai To Ab Dhoondhne Bhi Laga Hu
Deewanepan Ka Koi To ilaaj Hoga🙃

जिसने कभी मुझे मुड़कर भी नही देखा
उसे मेरे दीवानेपन का क्या एहसास होगा
मैं तो अब ढूंढने भी लगा हूँ
दीवानेपन का कोई तो इलाज होगा🙃

Title: Deewanapan || hindi shayari


Tajmahal || hindi shayari || love shayari

Ishq mamooli cheez to nhi
har koi is aag me jala hai
kuch to baat hai mohabbat mein
isliye to ek lash ki yaad mein tajmahal khada hai🙌

इश्क़ मामूली चीज़ तो नहीं
हर कोई इस आग में जला है
कुछ तो बात है मोहोब्बत में
इसीलिए तो एक लाश की याद में ताजमहल खड़ा है🙌

Title: Tajmahal || hindi shayari || love shayari