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प्यार || pyar || hindi poetry

“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था  

“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I

Title: प्यार || pyar || hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


tairne ka hunar

Kise ko paane ki chahat me itna
na doobo ki fir, apne tairne ki hunar
kaam hi naa aye

किसी को पाने कि चाहत में इतना
ना डूबों कि फिर। अपने तैरने का हूनर
काम हि ना आए।

Title: tairne ka hunar


Awaaz nahi aati || true shayari hindi

सुना हैं दिल टूटने की आवाज नही आती

पीछे छूटे हुए रिश्तो की याद नही आती

समेट के रखना पड़ता हैं नाजुक चीजो को

कच्चे धागों के टूटने की आवाज नहीं आती 

Title: Awaaz nahi aati || true shayari hindi