मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |
Enjoy Every Movement of life!
मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |
Thokar sahi, chaahe jaan nikle raahi me, bas
manzil wo ho jo garoor bankar saath chale
ठोकर सही, चाहे जान निकले राहों में, बस,
मंज़िल वो हो जो गुरूर बनकर साथ चले...
Baat dil mein reh gayi
Dard Sine mein hi reh gaya
Tum toh ho gye kisi or ke
Mein toh akela hi reh gaya
~ ਤੁਸ਼ਾਰ❤🩹