मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |
मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |
इश्क ❤️भी करता हूँ👍
और वो 🤔भी करती है😍
फर्क🤔 सिर्फ इतना🤪 है की मैं उससे 🤔करता हूँ
और वो 🤔किसी और से😬 करती है 😃😃😃
Chahatein badhne lgi hain tumse milne ke baad,
Din kab gujra ye bhi nhi tha mujhko yaad,
Phir waqt ke namanzuri ne nhi smjhe mere jazbaat,
Kya pta tha vo shaam mein hui thi humari aakhrimulaqat…….
चाहतें बढ़ने लगी हैं तुमसे मिलने के बाद
दिन कब गुज़रा ये भी नही था मुझको याद,
फिर वक़्त के नामंजूरी ने नहीं समझे मेरे जज़्बात,
क्या पता था वो शाम में हुई थी हमारी आखरी मुलाकात…