मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |
Enjoy Every Movement of life!
मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |

ये दुनिया भी जैसे गोल है ,
यहां रिश्ते भी कुछ ही अनमोल है ।
खुशी वाला लग रहा आज कल माहोल है ,
मानो या ना मानो सबके यहां डबल रोल है ।💯
Yeh Duniya jesi gol hai, Yahan Rishte bhi kuch Anmol hai. Khusiwala lag raha aaj kal Maahol hai, Mano ya na mano sabke yahan Double-role hai...💯
