मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |
Enjoy Every Movement of life!
मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |
Kujh kehna vi othe changa lagda e
Jithe agla sunan vala te samjhan vala howe
Na samjhe lokan agge shabad viakat karna viarth e..!!
ਕੁਝ ਕਹਿਣਾ ਵੀ ਓਥੇ ਚੰਗਾ ਲੱਗਦਾ ਏ
ਜਿੱਥੇ ਅਗਲਾ ਸੁਣਨ ਵਾਲਾ ਤੇ ਸਮਝਣ ਵਾਲਾ ਹੋਵੇ
ਨਾ ਸਮਝੇ ਲੋਕਾਂ ਅੱਗੇ ਸ਼ਬਦ ਵਿਅਕਤ ਕਰਨਾ ਵਿਅਰਥ ਏ..!!