मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |
मां की कहानी थी परीयों का फसाना था, …
गाँव के हर कोने मे अपना ठिकाना था |
वो तो उम्रो ने छीन लिया चेहरे की मुस्कुराहट
वरना वो बचपन कितना सुहाना था |
राहे कितनी अंजान सी, मेरी खामोशी मेरी जुबान सी
वो लड़की वो नादान सी, वो हर पल मेरी जान सी I
इन आंखों में कभी अश्क सी, कभी लबो पे मुस्कान सी
सिमट जाए जो वो तो तिनका भर ये जहान, खुल के झूम तो आसमान सी
वो आंखों में एक नमी सी, वो जीवन में एक कमी सीधड़कने दफन उसके बिना इस दिल में और सांसे थमी- थमी सी
रखे ख्वाहिश भी क्या एक उसे पाने के सिवा मेरे जीवन में वो मुकाम सी I
वो लड़की वो नादान सी, वो हर पल मेरी जान सी I
Sadi zindagi da palla mukkadara ne
Fad tere naal injh baneya..!!
Hoye saah vi deewane tere yara
Ke asa tenu rabb manneya..!!
ਸਾਡੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਪੱਲਾ ਮੁਕੱਦਰਾਂ ਨੇ
ਫੜ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਇੰਝ ਬੰਨਿਆ..!!
ਹੋਏ ਸਾਹ ਵੀ ਦੀਵਾਨੇ ਤੇਰੇ ਯਾਰਾ
ਕਿ ਅਸਾਂ ਤੈਨੂੰ ਰੱਬ ਮੰਨਿਆ..!!