Ache hokar bhi logo ke liye bure hain socho bure hogye to kya hi hoga
अच्छे होकर भी लोगों के लिए बुरे हैं सोचो बुरे होगए तो क्या ही होगा
Ache hokar bhi logo ke liye bure hain socho bure hogye to kya hi hoga
अच्छे होकर भी लोगों के लिए बुरे हैं सोचो बुरे होगए तो क्या ही होगा
हादसे इन आँखों ने तमाम देखे है
जिनको हम प्यार से पा न सके
होते वो लोग निलाम देखे है
अश्क नही लहु छलकता है आँखों से
बर्बादियों के जश्न में झलकते जाम देखे है
मैंने ऐसे भी मुकाम देखे है
दोस्तों में शामिल दुश्मनो के नाम देखें है
यकीन सबसे तब उठ गया
जब सच्चे दिल वालों के होते बुरे अंजाम देखे है
ज़ख्म गम,दर्द सच्चाई को मिलते इनाम देखे हैं
झूठों की शान में होते सलाम देखे है
छोड दिया खुद को मजबूत कहना
गिरते यहां बहुत बलवान देखे हैं
अकेले रहना बेहतर है अब✌️
सबसे मिलने के नुक्सान देखे हैं
कोई नहीं रहता यहाँ देर तक
गिरते मैंने वो मजबूत मकान देखे हैं
रोशनी में जो दूर तक साथ रहे
अंधेरे में दूर होते वो इंसान देखे हैं
कोई एक तो नहीं है दर्द की वजाह
वे दर्द इंसान मैंने तमाम देखे हैं
खुशी में तो सब साथ ही थे
बस गम में रास्ते सुनसान देखे हैं
हर बात में जान जान कहने वाले
लेते मैंने जान देखे हैं
एक नही हादसे तमाम देखे है!!
Manisha❤️Mann✍️
