कुछ अलग ही करना है
तो वफ़ा करो मेरे दोस्त,
मज़बूरी का नाम लेकर
बेवफाई तो हर कोई करता है…🙂💔
Kuch alag hi karna hain,
Toh wafa karo mere dost,
Majburi ka naam lekar,
Bewafai toh har koi karta hain…🙂💔
कुछ अलग ही करना है
तो वफ़ा करो मेरे दोस्त,
मज़बूरी का नाम लेकर
बेवफाई तो हर कोई करता है…🙂💔
Kuch alag hi karna hain,
Toh wafa karo mere dost,
Majburi ka naam lekar,
Bewafai toh har koi karta hain…🙂💔
उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..
Jithe kadar na howe
othe rehna fazool hai
fir chahe oh kise da ghar howe
chahe kise da dil howe
ਜਿੱਥੇ ਕਦਰ ਨਾ ਹੋਵੇ,
ਉੱਥੇ ਰਹਿਣਾ ਫਜ਼ੂਲ ਹੈ।
ਫਿਰ ਚਾਹੇ ਉਹ ਕਿਸੇ ਦਾ ਘਰ ਹੋਵੇ,
ਚਾਹੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਦਿਲ ਹੋਵੇ।।