कुछ अलग ही करना है
तो वफ़ा करो मेरे दोस्त,
मज़बूरी का नाम लेकर
बेवफाई तो हर कोई करता है…🙂💔
Kuch alag hi karna hain,
Toh wafa karo mere dost,
Majburi ka naam lekar,
Bewafai toh har koi karta hain…🙂💔
कुछ अलग ही करना है
तो वफ़ा करो मेरे दोस्त,
मज़बूरी का नाम लेकर
बेवफाई तो हर कोई करता है…🙂💔
Kuch alag hi karna hain,
Toh wafa karo mere dost,
Majburi ka naam lekar,
Bewafai toh har koi karta hain…🙂💔
हालातों से टकराकर हमने, खुद को मजबूत बनाया है..
तभी तो हर दर्द से लड़ने का, हुनर हम में आया है..
पहले डरा करते थे दर्द से हम, अब दर्द को हमने डराया है..
पहले रहता था, ताव में वो, अब जाकर घुटनों पे आया है..
अब नहीं सताता वो हमको, हमने खुदको इतना सताया है..
हम पत्थर बनकर बैठे गए, पत्थरों से कौन लड पाया है….
