मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Oh gaira de sang khul gaye hone aa
naweyaa de naal ghul gaye hone aa
tu jinaa da khyaal dil cho ni kadhda
rajbir O kadon de tainu bhulge hone aa
ਓ ਗੈਰਾਂ ਦੇ ਸੰਗ ਖੁੱਲਗੇ ਹੋਣੇ ਆ
ਨਵਿਆ ਦੇ ਨਾਲ ਘੁੱਲਗੇ ਹੋਣੇ ਆ
ਤੂੰ ਜਿੰਨਾ ਦਾ ਖਿਆਲ ਦਿਲ ਚੋ ਨੀ ਕੱਡਦ
ਰਾਜਬੀਰ ਓ ਕਦੋ ਦੇ ਤੇਨੂੰ ਭੁੱਲਗੇ ਹੋਣੇ ਆ
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️