मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Kinka kinka ikatha kar mein jazbatan nu masa judeya..!!
Yaar diyan badneetiyan ne fer esa rukh modeya😢..!!
Bekadar jehe ho te bedard jehe ban ke
Nazuk sada dil shreaam ohna todeya💔..!!
ਕਿਣਕਾ ਕਿਣਕਾ ਇਕੱਠਾ ਕਰ ਮੈਂ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨੂੰ ਮਸਾਂ ਜੋੜਿਆ..!!
ਯਾਰ ਦੀਆਂ ਬਦਨੀਤੀਆਂ ਨੇ ਫਿਰ ਐਸਾ ਰੁੱਖ ਮੋੜਿਆ😢..!!
ਬੇਕਦਰ ਜਿਹੇ ਹੋ ਤੇ ਬਦਰਦ ਜਿਹੇ ਬਣ ਕੇ
ਨਾਜ਼ੁਕ ਸਾਡਾ ਦਿਲ ਸ਼ਰੇਆਮ ਉਹਨਾਂ ਤੋੜਿਆ💔..!!
जिन्हें मोहब्बत थी मेरी मुस्कानों से
वे आज मेरा जिस्म चाहने लगे हैं
जो चाहते थे मैं हमेशा मुस्कुराऊं
वे आज मेरी मुस्कान ही छीनने लगे हैं