मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Enjoy Every Movement of life!
मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Tadfaundi doori teri injh
jism chon jive rooh nikle
ਤੜਫਾਉਂਦੀ ਦੂਰੀ ਤੇਰੀ ਇੰਝ
ਜਿਸਮ ਚੋਂ ਜਿਵੇਂ ਰੂਹ ਨਿਕਲੇ ..#GG
Muskura dete hain har dafa tumhe sochkar
Fir sochte hain kya ise hi mohobbat kehte hain..!!
मुस्कुरा देते हैं हर दफ़ा तुम्हे सोचकर
फ़िर सोचते हैं क्या इसे ही मोहोब्बत कहते हैं..!!