मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Enjoy Every Movement of life!
मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Likhna taa bahut kujh aunda
par tere naam ton sivaa kujh likhna ni chahunda
supne taa bahut aunde
par tere bagair koi supna ni chahunda
ਲਿਖਣਾ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਕੁਝ ਆਉਂਦਾ
ਪਰ ਤੇਰੇ ਨਾਮ ਤੋਂ ਸਿਵਾ ਕੁਝ ਲਿਖਣਾ ਨੀ ਚਾਹੁੰਦਾ,
ਸੁਪਣੇ ਤਾ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦੇ
ਪਰ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਬਗੈਰ ਕੋਈ ਸੁਪਨਾ ਨੀ ਚਾਹੁੰਦਾ
बुझी हुई समा भी जल सकती है
तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है
होके मायूस यू ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है