मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Enjoy Every Movement of life!
मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!

Dilon Tenu Hurt Karn Bare Te Kade
Soch V Nahi Sakde Dila,
Far V,
Jae Kade Bhul-Bhulekhe Ho Je
Taan Maaf Karin…
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻