मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Enjoy Every Movement of life!
मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
कुछ पाकर तो हर कोई मुस्कुराता है, लेकिन, जिंदगी शायद उनकी होती है जो बहुत कुछ खोकर भी, मुस्कुराना जानते है….😊❤️
Eh birha di peedh maithon sambhali nai jaani
tu shayed mainu bhul gai, par maithon bhuli nai jaani
ਇਹ ਬਿਰਹਾ ਦੀ ਪੀੜ ਮੈਥੋਂ ਸੰਭਾਲੀ ਨਈ ਜਾਣੀ
ਤੂੰ ਸ਼ਾਇਦ ਮੈਨੂੰ ਭੁਲ ਗਈ
ਪਰ ਮੈਥੋਂ ਭੁੱਲੀ ਨਈ ਜਾਣੀ
only gurumukhi punjabi shayari