मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Enjoy Every Movement of life!
मैं क्या कहूँ किसी से, मेरे अश्क कहते है मेरी दास्तान !
बाखुदा मेरी हर मंजिल का, इक तू ही तो है रास्ता!
Dushmano ki ab kise zaroorat hai
Apne hi kaafi hai dard dene ke liye💔🙂
दुश्मनो की अब किसे जरूरत है
अपने ही काफी है दर्द देने के लिए💔🙂
