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मैं हूँ मुहब्बत ❤️❤️ || hindi shayari

मैं हूँ मुहब्बत,और मेरे मिटने का सवाल ही नहीं❤️

मैं रेत पर लिखी हुई कहानी नहीं
जो लहरों से मिट जाऊँ

मैं बारिश नहीं
जो बरस के थम जाऊँ

मैं हवा नहीं
जो तुम्हारे पास से गुज़र जाऊँ

मैं चाँदनी नहीं
जो रात के बाद ढल जाऊँ

तुम तो वो परवाने हो,
जो जलता रहेगा पर उफ़ तक नहीं करेगा💔

मैं शमा नहीं हूँ
जो परवाने को जला दु

मैं वो रंग हूँ
जो तेरी रूह पर चढ़कर कभी न उतरे

मैं तो वो मुहब्बत हूँ
जो तेरी रग-रग में लहू बन कर गर्दिश करे

Mann ✍️❤️

Title: मैं हूँ मुहब्बत ❤️❤️ || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Nafrat da chashma || 2 in 1 shayari

Log sannu kehnde ne badl gye ho
asi sabi uhna nu ehna hi kehna ke nafrt da chashma hta lo tusi

🤚mainu bs 👉tere naal rehna aa
👉Tu Mera🖐️ me sbnu kehna🗣️ aa
Tu naa jaayi 🚶door kde je koi aaya
Main maar 🔪dehna aa 

Sabi

Title: Nafrat da chashma || 2 in 1 shayari


Tiranga hamari shaan || independence day || ये तिरंगा ये हमारी शान है

ये तिरंगा ये तिरंगा ये हमारी शान है
विश्वभर में भारती की अमिट पहचान है
ये तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढ़े
ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े
ये तिरंगा विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है
ये तिरंगा वीरता का गूंजता इक मंत्र है
ये तिरंगा वन्दना है भारती का मान है
ये तिरंगा विश्व जन को सत्य का संदेश है

ये तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है
ये तिरंगा इस धरा पर शान्ति का संधान है
इसके रंगो में बुना बलिदानियों का नाम हैं
ये बनारस की सुबह है ये अवध की शाम है
ये कभी मन्दिर कभी ये गुरुओं का द्वार लगे
चर्च का गुम्बंद कभी मस्जिद की मीनार लगे

ये तिरंगा धर्म की हर राह का सम्मान है
ये तिरंगा बाइबिल है भागवत का श्लोक है
ये तिरंगा आयत ए कुरआन का आलोक है
ये तिरंगा वेद की पावन ऋचा का ज्ञान है
ये तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है

ये तिरंगा झूमता कन्याकुमारी नीर है
ये तिरंगा माँ के होठों की मधुर मुस्कान है
ये तिरंगा देव नदियों का त्रिवेणी रूप है
ये तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धुप है
ये तिरंगा भव्य हिमगिरी का अमर वरदान है
शीत की ठंडी हवा ये ग्रीष्म का अंगार है
सावनी मौसम में मेघों का छलकता प्यार है
झंझावतों में लहराए गुणों की खान है

ये तिरंगा लता की इक कुठुकती आवाज है
ये रविशंकर के हाथों में थिरकता ताज है
टैगोर के जनगीत जन गण मन का ये गुणगान है

ये तिरंगा गांधी जी की शान्ति वाली खोज है
ये तिरंगा नेताजी के दिल से निकला ओज है
ये विवेकानंद जी का जगजयी अभियान है
रंग होली के है इसमें ईद जैसा प्यार है

चमक क्रिसमस की लिए यह दीप सा त्यौहार है
ये तिरंगा कह रहा ये संस्कृति महान है
ये तिरंगा अंडमानी काला पानी जेल है
ये तिरंगा शांति और क्रांति का अनुपम मेल है
वीर सावरकर का ये इक साधना संगान है

Title: Tiranga hamari shaan || independence day || ये तिरंगा ये हमारी शान है