मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
जो तुम आ जाते एक बार कितनी करूणा कितने संदेश पथ में बिछ जाते बन पराग गाता प्राणों का तार तार अनुराग भरा उन्माद राग आँसू लेते वे पथ पखार जो तुम आ जाते एक बार हँस उठते पल में आर्द्र नयन धुल जाता होठों से विषाद छा जाता जीवन में बसंत लुट जाता चिर संचित विराग आँखें देतीं सर्वस्व वार जो तुम आ जाते एक बार
saanu tu injh chahida jive hundi e
piyaase nu paani di lodh
har modh te jaape saanu sirf teri hi thod
ਸਾਨੂੰ ਤੂੰ ਇੰਝ ਚਾਹੀਦਾ
ਜਿਵੇ ਹੁੰਦੀ ਏ ਪਿਆਸੇ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਲੋੜ
ਹਰ ਮੋੜ ਤੇ ਜਾਪੇ ਸਾਨੂੰ ਸਿਰਫ ਤੇਰੀ ਹੀ ਥੋੜ