मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
Opportunity is missed by most people because it is dressed in overalls and looks like work.
–Thomas Edison
अगर औरत नहीं होती तो मोहब्बत नहीं होती।
अगर बंगाल नहीं होती तो देश नहीं होती।
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हर इंसान में दिल है।
भारत में भी बंगाल है।
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मर्द सिर्फ इंसान होता है।
औरत माँ होती है।
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इंसान को दुःख देने में मजा आता है।
इंसान के दुःख में सिर्फ कुत्ते रोता है।
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जिंदगी का स्टेशन में ट्रैन रोक गयी।
समय कभी रुकता नहीं, छुट्टी गुज़र गयी।
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समय का नदी, में अकेला नहीं।
पिता नाव हे, माँ माझी, जिंदगी यही।
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