मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह,
उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा….
mat poochh sheeshe se usake tootane kee vajah,
usane bhee meree tarah kisee patthar ko apana samaja hoga….
प्यार वो है जो जज्बात को समझे,
मोहब्बत वो है जो एहसास को समझे,
मिलते हैं जहाँ में बहुत अपना कहने वाले,
पर अपना वो है जो बिन कहे हर बात समझे। 💘
Pyar wo hai jo jazbat ko samjhe,
Mohabbat vo hai jo ehsaas ko samajhe,
Milate hain jahaan mein bahut apana kahane vaale,
Par apana vo hai jo bin kahe har baat samajhe