मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
Enjoy Every Movement of life!
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
Har saans lagtaa he… Ke… aakhiri he meri…
Har raat lagtaa he… Ke… Bikhar jaaunga…
Yaaro…
Woh ladki… Bohot gour se sunti he elaan mout ka…
Use pataa he… Ke… Ek din me marrr jaaunga…💯💔
ہر دھڑکن تیرے نام پے نچتی ہے
ہر سانس تیرے کام سے بچتی ہے
تیرے درشن بنا زندگی کتنی رُک رُک کر چلتی ہے