मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
Enjoy Every Movement of life!
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
जिंदगी में एक हसीं किरदार बनकर आ गया!
जो खफा रहता था अब वो यार बनकर आ गया!
उसने अपनी गलतियां समझी तो समझी भी बहुत!
उम्र भर के वास्ते फिर प्यार बनकर आ गया!!
हर्ष
Zindagi tan bewafa aa
ik din thukraugi
maut hi sachi muhobbat aa
jo ik din mainu apnaugi
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤਾਂ ਬੇਵਫਾ ਆ
ਇਕ ਦਿਨ ਠੁਕਰਾਉਗੀ
ਮੌਤ ਹੀ ਸੱਚੀ ਮੁਹੋਬਤ ਆ
ਜੋ ਇਕ ਦਿਨ ਮੈਨੂੰ ਅਪਣਾਉਗੀ