मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
Enjoy Every Movement of life!
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
Jad ishq manzoor howega-odo aa jawi,
Dhakke naal kise nu apna bnauna~kaid ton ghatt nahi hunda🙂
ਜਦ ਇਸ਼ਕ ਮਨਜ਼ੂਰ ਹੋਵੇਗਾ-ਓਦੋਂ ਆ ਜਾਵੀਂ,
ਧੱਕੇ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਬਣਾਉਣਾ~ਕੈਦ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ !🙂
