मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
Karlo ibadat bhi is waqt se
Ke laut aaye bachpan ek baar fir…
Jab rukte nahi the pair khwabon ke piche se,
Daurhti rahe ye dhadkan ek baar fir…💕
करलो इबादत भी इस वक्त से,
के लौट आए बचपन एक बार फिर…
जब रुकते नहीं थे पैर ख्वाबों के पीछे से,
दौड़ती रहे ये धड़कन एक बार फिर…💕
Tere naal pyaar kar ke vich vichale aa gai
na bhul sakdi na kise hor naal judh sakdi
ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਕਰ ਕੇ ਵਿਚ ਵਚਾਲੇ ਆ ਗੲੀ,
ਨਾ ਭੁੱਲ ਸਕਦੀ ਨਾ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਨਾਲ ਜੁੜ ਸਕਦੀ…