Vakt or jindgi ka gjb khel h ,,
Jb jindgii thi, tb kuch krne ko vakt nhi Mila
Jb vakt Mila , to jindgi guzr gyi
वक्त और जिंदगी का गज़ब खेल है,,
जब जिंदगी थी , तब कुछ करने को वक्त नहीं मिला
जब वक्त मिला, तो जिंदगी गुज़र गई।।
Vakt or jindgi ka gjb khel h ,,
Jb jindgii thi, tb kuch krne ko vakt nhi Mila
Jb vakt Mila , to jindgi guzr gyi
वक्त और जिंदगी का गज़ब खेल है,,
जब जिंदगी थी , तब कुछ करने को वक्त नहीं मिला
जब वक्त मिला, तो जिंदगी गुज़र गई।।
Menu tere naal koi narazgi ja ruswaai nhi
Tu apni jagah thik c te mein apni jagah..!!
ਮੈਨੂੰ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਕੋਈ ਨਾਰਾਜ਼ਗੀ ਜਾਂ ਰੁਸਵਾਈ ਨਹੀਂ
ਤੂੰ ਆਪਣੀ ਜਗ੍ਹਾ ਠੀਕ ਸੀ ਤੇ ਮੈਂ ਆਪਣੀ ਜਗ੍ਹਾ..!!
लम्बीया राता यार दा विछोड़ा
मुंडेर ते बैठा है
एक जंगली कबूतरा दा जोड़ा
कर रहा गुटरगूं, गुटरगूं
जाने तू की कर रहा
दूर चिनारा ते विखरी है चांदनी
ते वेढा सादा महक रहा
रात दी रानी गुनगुना रही
दिल उदास मेरा तू ना आया
चित तेनु उडीक रहा
झींगुर ने छेड़ दिति तान
हव्वा वी पत्त्या नु ताल दे रही है
सीने दी धड़कन वी वड रही सरपट
गूंजी पपीहे दी पीहू-पीहू
नाल मेरे दिल दी पुकार
पर तू ना आया चित तेनु उडीक रहा
आँखा ते स्याह आसमान भरके
पूरी रात तारयां दे जोड़े बनाए
कित्ते कोई तारा टूटयां
चंद कल्ला रह गया
जीवे मैं तेरे बिन अधूरा रह रही
ऐवी गम दी रात गुजर जानी है
याद तेरी नाल सदा रह जानी है
याद वी नही हुंडी ते की करदे
हर्ष किवे होक्के भरदे
फेर वी तेनु पौन नु मन्नत मंग रही
चित रह रह के आज वी तेनु उडीक रही