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सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

चाल अभी धीमी है,

पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।

हालात अभी उलझे हैं,

पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।

हौसलों की कमी नहीं,

क़्त भले ना हो ज्यादा।

शह मात की खेल है जिंदगी,

मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।

पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,

रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।

गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,

आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।

लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,

अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।

डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,

धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।

                           तरुण चौधरी     

Title: सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Heer ya hoor || love punjabi shayari || two line shayari

Akhan which laali,Chehre te noor,Tu das tenu ki kavan,Heer ya Hoor ?

ਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਲਾਲੀ ਚਿਹਰੇ ਤੇ ਨੂਰ, ਤੂੰ ਦੱਸ ਤੈਨੂੰ ਕੀ ਕਹਾਂ ਹੀਰ ਜਾਂ ਹੂਰ?

Title: Heer ya hoor || love punjabi shayari || two line shayari


Broke love ❤️

यादों की गलियों में मिलता है

तोड़ा हुआ दिल, टूटे हुए प्यार के टुकड़े, बिखरे हुए आशिक़ मिल।

बीते हुए लम्हों की मुस्कान बेताबी से चीरती है, प्यार की कहानी के सिलसिले को यादें उधार छीरती है।”

Title: Broke love ❤️