Skip to content

सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

चाल अभी धीमी है,

पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।

हालात अभी उलझे हैं,

पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।

हौसलों की कमी नहीं,

क़्त भले ना हो ज्यादा।

शह मात की खेल है जिंदगी,

मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।

पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,

रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।

गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,

आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।

लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,

अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।

डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,

धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।

                           तरुण चौधरी     

Title: सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Jinhe mohabbat thi meri muskano se || sad shayari || shayari

जिन्हें मोहब्बत थी मेरी मुस्कानों से

वे आज मेरा जिस्म चाहने लगे हैं

जो चाहते थे मैं हमेशा मुस्कुराऊं

वे आज मेरी मुस्कान ही छीनने लगे हैं



CHUP REHNA SIKH LIYA

ਚੁੱਪ ਰਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਲਿਆ
ਦੁੱਖ ਸਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਲਿਆ
ਤੇਰੇ ਬਿਨਾ ਅਸੀਂ ਇਕੱਲੇ ਰਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਲਿਆ

Chup rehna sikh liya
dukh sehna sikh liya
tere bina asin ikale rehna sikh liya

Title: CHUP REHNA SIKH LIYA