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सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

चाल अभी धीमी है,

पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।

हालात अभी उलझे हैं,

पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।

हौसलों की कमी नहीं,

क़्त भले ना हो ज्यादा।

शह मात की खेल है जिंदगी,

मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।

पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,

रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।

गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,

आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।

लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,

अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।

डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,

धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।

                           तरुण चौधरी     

Title: सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


KHUSHAAMDEED

Dostoo !! Khusiyaan nu khushaamdeed kehna sikho zindagi apne aap fulaan vargi ho jawegi

Dostoo !!
Khusiyaan nu khushaamdeed kehna sikho
zindagi apne aap fulaan vargi ho jawegi



और फिर

और फिर कब तक वहा रहता मैं

और कब तक कुछ ना कहता मै

फिर मैने वो बोल ही दिया

कब तक यू चुप चाप रहता मैं

और फिर मरना ही मुनासिब समझा हमने

आखिर के तक ये सब सहता मैं

Title: और फिर