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सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

चाल अभी धीमी है,

पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।

हालात अभी उलझे हैं,

पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।

हौसलों की कमी नहीं,

क़्त भले ना हो ज्यादा।

शह मात की खेल है जिंदगी,

मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।

पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,

रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।

गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,

आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।

लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,

अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।

डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,

धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।

                           तरुण चौधरी     

Title: सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


एक रात || ek raat jab darwaaze par

एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..

आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?

बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..

चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..

चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..

दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..

ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?

पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..

Title: एक रात || ek raat jab darwaaze par


Tujhse baat karna

बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है 

मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है 

मैं रूठ जाऊ  जमाने से कोई गीला नहीं 

फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,

कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे 

तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है । 

Title: Tujhse baat karna