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स्त्री हूं मैं

        स्त्री हूं मैं……

स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है

मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।

अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं

तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।

अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी

उसमे भी खोट नजर आती है।

मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।

यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती

एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।

मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है

मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।

Title: स्त्री हूं मैं

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ || sad hindi shayari

इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ 

अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं

क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया 

उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं 

Title: इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ || sad hindi shayari


Zindagi se puchha