ਪਿਆਰ ਵੀਆਰ ਕੀ ਕਰਨਾ ਜਦ,ਮਿਲਣਾ ਹੀ ਧੋਖਾ ਏ।।
ਸ਼ਕਲੋਂ ਸੋਹਣੇ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਲੱਭ ਜਾਂਦੇ, ਸੱਜਣ ਦਿਲੋਂ ਸੋਹਣਾ ਲੱਭਣਾ ਔਖਾ ਏ।।
ਪਿਆਰ ਵੀਆਰ ਕੀ ਕਰਨਾ ਜਦ,ਮਿਲਣਾ ਹੀ ਧੋਖਾ ਏ।।
ਸ਼ਕਲੋਂ ਸੋਹਣੇ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਲੱਭ ਜਾਂਦੇ, ਸੱਜਣ ਦਿਲੋਂ ਸੋਹਣਾ ਲੱਭਣਾ ਔਖਾ ਏ।।
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।
कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..