खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक दिन सब , इसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल उदास, चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु ,सही कर रहा हूँ ।💯
Enjoy Every Movement of life!
खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक दिन सब , इसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल उदास, चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु ,सही कर रहा हूँ ।💯

कमाल करते हैं
हमसे जलन रखने वाले,
महफ़िलें खुद की सजाते हैं
और चर्चे हमारे करते हैं।
मेरे लफ़्ज़ों को
महफूज कर लो दोस्तों.
हमारे बाद बहुत सन्नाटा होगा,
इस महफ़िल में.