
aapne aap nu zaalim na bnaya kar
Tere ton sajjan ni bhulaaye jaande
jyaada ishq nu na dila azmaaya kar

मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…
Chain vi Na aawe
Dil marda hi jawe
Kive vass ch mein kara Ehnu ditti hoyi dhil nu..!!
Gll sunda na meri
Khwahish rakhda e teri
Khaure ho ki gya e es pagl dil nu..!!
ਚੈਨ ਵੀ ਨਾ ਆਵੇ
ਦਿਲ ਮਰਦਾ ਹੀ ਜਾਵੇ
ਕਿਵੇਂ ਵੱਸ ‘ਚ ਮੈਂ ਕਰਾਂ ਇਹਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਹੋਈ ਢਿੱਲ ਨੂੰ..!!
ਗੱਲ ਸੁਣਦਾ ਨਾ ਮੇਰੀ
ਖਵਾਹਿਸ਼ ਰੱਖਦਾ ਏ ਤੇਰੀ
ਖੌਰੇ ਹੋ ਕੀ ਗਿਆ ਏ ਇਸ ਪਾਗਲ ਦਿਲ ਨੂੰ..!!