
Bhulan bhulan kehan naal koi bhulayeya naio janda
satt dil te laggi howe taan
kise te aitbaar khayeya naio janda

Bhulan bhulan kehan naal koi bhulayeya naio janda
satt dil te laggi howe taan
kise te aitbaar khayeya naio janda
Mujhe tumse kuchh kehna tha
tere aankhon ke nashe me behna tha
tune tanha chhod diya hai mujhe
mujhe ta umar tere saath rehna tha
मुझे तुमसे कुछ कहना था,
तेरे आँखों के नशे में बहना था,
तुने तन्हा छोड़ दिया है मुझे,
मुझे ता-उम्र तेरे साथ रहना था
✍विक्रम
माता-पिता,
ईश्वर की वो सौगात है,
जो हमारे जीवन की अमृतधार है!
आपसे ही हमारी एक पहचान है,
वरना हम तो इस दुनिया से अनजान थे!
आपके आदर्शों पर चलकर ही,
हर मुश्किल का डटकर सामना करना सीखा है हमने!
आपने ही तो इस जीवन की दहलीज़ पर हमें,
अंगुली थामे चलना और आगे बढ़ना सिखाया है,
वरना एक कदम भी न चल पाने से हम हैरान थे!
आपके प्यार और विश्वास ने काबिल बनाया है हमें,
जीवन के हर मोड पर आज़माया है हमें,
वरना हम तो जीवन की कसौटियों से परेशान थे!
आपने हमेशा हर कदम पर सही राह दिखायी है हमें,
अच्छे और बुरे की पहचान करायी है हमें,
आपने दिया है जीवन का ये नायाब तोहफा हमें,
जिसे भुला पाना भी हमारे लिए मुश्किल है!
आपकी परवरिश ने ही दी है नेक राह हमें,
वरना हम तो इस नेक राह के काबिल न थे!
आपसे ही हमारे जीवन की शुरुआत है,
आपसे ही हमारी खुशियाँ और आबाद है,
आप ही हमारे जीवन का आधार है,
आप से हैं हम,
और आप से ही ये सारा जहांन है!