
na paap na puney
na irsha na pyaar
bad jay mahakaal
Enjoy Every Movement of life!

क्या वक्त ये मेरे दरमियां है,
किसी ने बताया नहीं मुझमें क्या कमियां है,
शाम की खुशियों में गम का अंधेरा क्यूं लाएं,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
कैद कर लिया है खुद को इन बेड़ियों में,
क्या फर्क है अब मुझमें और कैदियों में,
इन अंजान गलियों में आज थोड़ा फिसला जाए,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
मैं चांद तारे तोड़ के तो नहीं ला सकता
पर आपके लिए काजल ज़रूर ले आऊंगा ,
वादा नहीं करता की कभी रोने नहीं दूंगा,
पर वादा करता हु उस समय अकेला नहीं छोड़ूंगा ❤️