
Tu door reh bhawein kol reh sanu tere bina koi hor nhi..!!

बोहोत बोलती हुं में मगर मुझे बात करने का तरीका नहीं आता
देखती हुं आइना रोज में खुद को मगर मुझे संवारना नही आता
रोता देख किसी को रो देती हुं मैं भी मुझे रोते को हंसाने का हुनर नही आता
तन्हा भी बड़ी शान से रहती हु में मुझे काफिलों में खुद को शुमार करना नही आता
में सर्द लहजों में ही बोलती हुं तल्ख बातें मुझे तल्ख लहजों से दिलों का तोड़ना नहीं आता
ओर में जो हुं वही नजर आती हु मुझे किरदार बदल बदल कर मिलना नही आता।🙌💯
Koi Aakhda Rabb Da Roop Ehnu;
Koi Rabb Da Ehnu Wazir Aakhe;
Rabb V Ohnu Nai Mod Sakda;
Gal Mauj Vich Jehdi Fakeer Aakhe..💐🥀