hizar tere vich sajjna
assa apna aap mukaayea
samaa rutaa mausam beete
par tu mudh naa aayea
ਹਿਝਰ ਤੇਰੇ ਦੇ ਵਿਚ ਸੱਜਣਾਂ,,
ਅਸਾਂ ਅਪਣਾ ਆਪ ਮੁਕਾਇਆ ।
ਸਮਾਂ ਰੁੱਤਾਂ ਮੋਸਮ ਬੀਤੇ,,
ਪਰ ਤੂੰ ਮੁੜ ਨਾ ਆਇਆ ।
hizar tere vich sajjna
assa apna aap mukaayea
samaa rutaa mausam beete
par tu mudh naa aayea
ਹਿਝਰ ਤੇਰੇ ਦੇ ਵਿਚ ਸੱਜਣਾਂ,,
ਅਸਾਂ ਅਪਣਾ ਆਪ ਮੁਕਾਇਆ ।
ਸਮਾਂ ਰੁੱਤਾਂ ਮੋਸਮ ਬੀਤੇ,,
ਪਰ ਤੂੰ ਮੁੜ ਨਾ ਆਇਆ ।
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।
tere hote hue bhee tanhaee milee hai,
vafa karake bhee dekho buraee milee hai,
jitanee dua kee tumhe paane kee,
us se zayaada teree judaee milee hai…
तेरे होते हुए भी तन्हाई मिली है,
वफ़ा करके भी देखो बुराई मिली है,
जितनी दुआ की तुम्हे पाने की,
उस से ज़यादा तेरी जुदाई मिली है…