tu khaab na vekheyaa kar saabi khaaba vich aujuga
me pagal shayar aa ishq te laajuga
me pagal shayar aa ishq te laajuga
ਤੂੰ ਖਾਬ ਨਾ ਵੇਖਿਆ ਕਰ “ਸਾਬੀ” ਖਾਬਾ ਵਿੱਚ ਆਜੂਗਾਂ !…
ਮੈਂ ਪਾਗਲ ਸ਼ਾਇਰ ਆਂ ਇਸ਼ਕ ਤੇ ਲਾਜੂਗਾਂ !..
I am not free time and second choice “prioritize me or leave me alone!”
ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम