Hum mushafir to nahi… Jo palat kar aaa jaaye…
Jaana…
Jo humein karnaa ho to… Soch kar rukhsat karnaa…🙃💯
हम मुसाफिर तो नहीं…जो पलट कर आ जाएं
जाना…
जो हमें करना हो तो सोच कर रुखसत करना…🙃💯
Hum mushafir to nahi… Jo palat kar aaa jaaye…
Jaana…
Jo humein karnaa ho to… Soch kar rukhsat karnaa…🙃💯
हम मुसाफिर तो नहीं…जो पलट कर आ जाएं
जाना…
जो हमें करना हो तो सोच कर रुखसत करना…🙃💯
खो गई थी धड़कनें जो कहीं
वो वापस ले आया हूं मैं,
थोड़ी ठीक है थोड़ी ज़ख्मी हैं
फिर भी वापस ले आया हूं मैं,
क्या बातें थी याद करो तो दिल बैठ गया,
कदम लड़खड़ाते रहे, वो पल याद आते रहे,
आज बहकते बहकते ही सही,
खुद को वापस ले आया हूं मैं,
हाथ ज़ख्मों पर हैं,
और ज़ख्म धड़कनों पर,
बाजी पलटती रही,
हम धड़कनें लगाते रहे ज़ख्मों पर,
थोड़ी देर और सही,
आज शाम नहीं कल की सवेर सही,
घर तो लौट आया हूं मैं,
देखो खुदको वापस ले आया हूं मैं.....
ਤੂ ਦਰੀਆਓੁ ਦਾਨਾ ਬੀਨਾ ਮੈ ਮਛੁਲੀ ਕੈਸੇ ਅੰਤੁ ਲਹਾ ~
You are the River, All-knowing and All-seeing. I am just a fish-how can I find Your limit?