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Vo sath ho to || hindi shayari

कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता

Title: Vo sath ho to || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Kuj hor || true shayari || mohobbat status

Oh gallan jehiyan karn nu akhi jawe pyar
Ohnu haigi nahio ishke di asli jehi saar..!!
Socha ohdiyan te hun dasso sade kahde zor
Mohobbat mere layi kuj hor e te ohde layi kuj hor..!!

ਉਹ ਗੱਲਾਂ ਜਿਹੀਆਂ ਕਰਨ ਨੂੰ ਆਖੀ ਜਾਵੇ ਪਿਆਰ
ਉਹਨੂੰ ਹੈਗੀ ਨਹੀਂਓ ਇਸ਼ਕੇ ਦੀ ਅਸਲੀ ਜਹੀ ਸਾਰ..!!
ਸੋਚਾਂ ਉਹਦੀਆਂ ‘ਤੇ ਹੁਣ ਦੱਸੋ ਸਾਡੇ ਕਾਹਦੇ ਜ਼ੋਰ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਮੇਰੇ ਲਈ ਕੁਝ ਹੋਰ ਏ ਤੇ ਉਹਦੇ ਲਈ ਕੁਝ ਹੋਰ..!!

Title: Kuj hor || true shayari || mohobbat status


Dost || hindi poetry

सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं
लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं
दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में
लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं
मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
आज ग़फ़लत भी उन आँखों में है पहले से सिवा
आज ही ख़ातिर-ए-बीमार शकेबा भी नहीं
बात ये है कि सुकून-ए-दिल-ए-वहशी का मक़ाम
कुंज-ए-ज़िंदाँ भी नहीं वुसअ’त-ए-सहरा भी नहीं
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं
तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में ‘फ़िराक़’-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
ये भी सच है कि मोहब्बत पे नहीं मैं मजबूर
ये भी सच है कि तिरा हुस्न कुछ ऐसा भी नहीं
यूँ तो हंगामे उठाते नहीं दीवाना-ए-इश्क़
मगर ऐ दोस्त कुछ ऐसों का ठिकाना भी नहीं
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा’लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
मुँह से हम अपने बुरा तो नहीं कहते कि ‘फ़िराक़’
है तिरा दोस्त मगर आदमी अच्छा भी नहीं

Title: Dost || hindi poetry