Log kaanto se bachke chalte hai,
humne fulo se jhakm khaye hai,
tum to gairo ki baat karte ho,
humne apne bhi aajmaye hai….💔
लोग कांटो से बचके चलते हैं
हमने फूलों से ज़ख्म खाए हैं
तुम तो गैरों की बात करते हो
हमने अपने भी आजमाएं हैं….💔
Log kaanto se bachke chalte hai,
humne fulo se jhakm khaye hai,
tum to gairo ki baat karte ho,
humne apne bhi aajmaye hai….💔
लोग कांटो से बचके चलते हैं
हमने फूलों से ज़ख्म खाए हैं
तुम तो गैरों की बात करते हो
हमने अपने भी आजमाएं हैं….💔
mera ajj v tu
mera kal v tu
meri har mushkil da hal v tu.❤
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।