ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Enjoy Every Movement of life!
ये रिश्तों के सिलसिले
इतने अजीब क्यों हैं,
जो हिस्से नसीब में नहीं
वो दिल के करीब क्यों हैं,
ना जाने कैसे लोगों को
मिल जाती है उनकी चाहत,
आख़िर किस से पूछे
हम इतने बदनसीब क्यों हैं।
Humein dekhkar andekha kar diya usne
Band ankhon se pehchanane ka kabhi dawa kiya tha jisne💔
हमे देखकर अनदेखा कर दिया उसने
बंद आंखों से पहचानने का कभी दावा किया था जिसने💔
Ajh saadhe ton oh kohaa door ne
jo kade saade dil de kareeb hunde c
ਅੱਜ ਸਾਡੇ ਤੋਂ ਓ ਕੋਹਾਂ ਦੂਰ ਨੇ..
ਜੋ ਕਦੇ ਸਾਡੇ ਦਿਲ ਦੇ ਕਰੀਬ ਹੁੰਦੇ ਸੀ🥀..