हम आज भी गुलाम है उनके प्यार के ….
मगर जमाने से पता चला के …
.. कितने तो गुलामी और गुमनामी मे ही मर गए……
#विवेक
Enjoy Every Movement of life!
हम आज भी गुलाम है उनके प्यार के ….
मगर जमाने से पता चला के …
.. कितने तो गुलामी और गुमनामी मे ही मर गए……
#विवेक
Din guzar gye kayi saal beet gye
Par oh yaadan ove hi rahiya
Socha vich khubhiya te dil vich dafan..!!
ਦਿਨ ਗੁਜ਼ਰ ਗਏ ਕਈ ਸਾਲ ਬੀਤ ਗਏ
ਪਰ ਉਹ ਯਾਦਾਂ ਓਵੇਂ ਹੀ ਰਹੀਆਂ
ਸੋਚਾਂ ਵਿੱਚ ਖੁੱਭੀਆਂ ਤੇ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਦਫ਼ਨ..!!
देखा है दुनिया का दस्तूर उसने,
वो किसी की भी सुनता नहीं है...
लगा देता है अदालत चलती राहों में,
उसके दुश्मन भी चुनता वहीं है...
सही है ?
क्या दुनिया से नज़रें मिला कर चलना,
जीना है आज तो रास्ता बस यही है...
छोड़ आया था दोस्तों का काफिला पीछे, मुड़ कर देखा तो सारे दुश्मन वहीं है...