khud par hasne ka hunar Sikh rha hu aajkal,
jamane ko wese bhi jaldi bhul jane ki aadat hai.
ਦਿਲ ਖੋਲ ਕੇ ਰੱਖ ਦੇ ਅੱਜ ਆਪਣਾ
ਸੁਨਣ ਬੈਠਾ ਹੈ ਅੱਜ ਆਪ ਤੂ
ਕੁਛ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਸਾਂਜੀਆਂ ਕਰ ਅੱਜ
ਵੰਡੀਆਂ ਨੀ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਤੂ!
ਕੁਛ ਦਰਦ ਵੰਡਾ ਅਪਣੇ ਜਿਹੜੇ
ਰੱਖੇ ਹੈ ਇਨੀ ਦੇਰ ਤੋ ਸੰਬਾਲ ਤੂ
ਮੌਕਾ ਮਿਲਣਾ ਨੀ ਇਹ ਬਾਰ ਬਾਰ ਤੈਨੂੰ
ਕਹਿ ਦੇ ਜੋ ਚਉਣਾ ਕਹਿਣੇ ਇੰਨੇ ਸਾਲ ਤੋ
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है
हर लम्हे मे दर्द है और दर्द से अपनी यारी है
कुछ न देके भी भोत कुछ दिया है तूने
एसिलिए तू कही न कही हमको प्यारी है ।
नुकसान भरा नहीं पिछली बरबादी का
फिर एक दफा तुझे सवारने की तयारी है
जिंदगी तुझे ज़ीने की साझीश जारी है ।
हर दिन आके झँझोड़ जाती है तू
जैसे सदियों से तेरी हमपे उधारी है
तू साथ दे या न दे हमारा
लेकिन तुजे जीने की ज़िद्द दिल मे उतारी है
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है ।
वक्त का खामोशी से गुजारना ओर धडकनों का यूं शोर मचाना
एह जिंदगी तू ही बता ये कैसी बेकरारी है
लौट आए जो वो पुराने लोग
तो पुछू आखिरी कैसे उन्होने उन्होने जिंदगी गुजारी है
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है ।
उम्मीद है तू साथ चलेगी मेरे
खवाबों से भरी हाथ मे मेरे पिटारी है
पूरे हो या न हो ये किस्मत का खेल है
पर जिंदगी तुझे जीने की जंग जारी है ।
……….. अजय कुमार ।