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माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Title: माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Teri khair mangde aa || punjabi shayari

Je hor wangu saanu v tere paise naal pyaar hunda
taa hun nu kado de lutt ke khaa jande
par saanu taa pyaar e teri rooh naal aa sajjna
taahi os rabb ton bas teri hi khair mangde aa

ਜੇ ਹੋਰ ਵਾਂਗੂੰ ਸਾਨੂੰ ਵੀ ਤੇਰੇ ਪੈਸੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਹੁੰਦਾ
ਤਾਂ ਹੁਣ ਨੂੰ ਕਦੋਂ ਦੇ ਲੁੱਟ ਕੇ ਖਾ ਜਾਂਦੇ…
ਪਰ… ਸਾਨੂੰ ਤਾਂ ਪਿਆਰ ਈ ਤੇਰੀ ਰੂਹ ਨਾਲ ਆ ਸੱਜਣਾ
ਤਾਹੀਂ ਓਸ ਰੱਬ ਤੋਂ ਬਸ ਤੇਰੀ ਹੀ ਖੈਰ ਮੰਗਦੇ ਆ♥️♥️

Title: Teri khair mangde aa || punjabi shayari


PYAR IK TARFA || one sided love

Pyar ik tarfa howe
tan rulaunda bahut
be vajah raatan nu jagaunda bahut