”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”
Enjoy Every Movement of life!
”E jindgi mujse is trah na muh mod
mai khafa hu khud se tu is trah na mera dil tod”
दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला
वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला
अब इसे लोग समझते हैं गिरफ्तार मेरा
सख्त नदीम है मुझे दाम में लाने वाला
क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे इस से
वो जो इक शख्स है मुंह फेर के जाने वाला
मुन्तज़िर किस का हूँ टूटी हुई दहलीज़ पे मैं
कौन आएगा यहाँ कौन है आने वाला
मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते
है कोई ख्वाब की ताबीर बताने वाला
ijjat te pyaar karni sikho
par gal gal te jatao naa
ਇੱਜ਼ਤ ਤੇ ਪਿਆਰ ਕਰਨੀ ਸਿੱਖੋ..
ਪਰ ਗੱਲ-ਗੱਲ ਤੇ ਜਤਾਓ ਨਾ…