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Likhta me kisaan ke liye || किसान कविता

लिखता मैं किसान के लिए
मैं लिखता इंसान के लिए
नहीं लिखता धनवान के लिए
नहीं लिखता मैं भगवान के लिए
लिखता खेत खलियान के लिए
लिखता मैं किसान के लिए
नहीं लिखता उद्योगों के लिए
नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए
लिखता हूँ सड़कों के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई
नहीं उम्मीद इसकी मुझे
खेत खलियान में बीज ये बो दे
सड़क का एक गढ्ढा भर देती
ये काफ़ी इंसान के लिए
लिखता हूँ किसान के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
आशा नहीं मुझे जगत पढ़े
पर जगत का एक पथिक पढ़े
फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए
इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए
पिछड़े भारत से ज़्यादा
भूखे भारत से डरता हूँ
फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ
फिर किसान पर लिखता हूँ
क्योंकि
लिखता मैं किसान के लिए
लिखता मै इंसान के लिए

                तरुण चौधरी

Title: Likhta me kisaan ke liye || किसान कविता

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Gurudwara Sahib || thanks to God || English quotes

Can’t wait to go to gurudwara sahib and do the shukrana when everything’s fine

Title: Gurudwara Sahib || thanks to God || English quotes


ARRANGEMENT IN LIFE

LIFE KA FUNDA HAMESHA KISINE NAHI SIKHAYA,
SIKHYA TO SIRF EK RAAH DIKHAYA,
KYA PATA KAL KYA HOGA,
PAR AAJ KE DIN SE KAL KA SAVERA HOGA.

Title: ARRANGEMENT IN LIFE