उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
Pareshan kar rakha hai Teri yaadon ne
Din ko dil nhi lagta
Aur raat ko ankhein nhi lagti..🫠
परेशान कर रखा हैं तेरी यादों ने,
दिन को दिल नही लगता,
और रात को आँखे नहीं लगती..🫠
Conquer the angry one by not getting angry; conquer the wicked by goodness; conquer the stingy by generosity, and the liar by speaking the truth.
Gautama Buddha