उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .
उसे जाते हुये मैंने रोका बहोत था
ये दिल अपनी सफाई मे चीखा बहोत था ,
जिस शफ मे खड़े थे हम अपनी सच्चाई लेके
उसमे झूठ बिका बहोत था ।
मैं थक गया था अपनी सफाई देके
पर रकीब का फसाना भरी बहोत था ।
……….अजय महायच .

Pal vi tu metho dur nahi hunda
Subah shaam khayal rehnda e tera..!!
Rabb hi rakha es masum jaan da
Pta nahi mohobbat ch ki banna e mera..!!
ਪਲ ਵੀ ਤੂੰ ਮੈਥੋਂ ਦੂਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ
ਸੁਬਾਹ ਸ਼ਾਮ ਖ਼ਿਆਲ ਰਹਿੰਦਾ ਏ ਤੇਰਾ..!!
ਰੱਬ ਹੀ ਰਾਖਾ ਇਸ ਮਾਸੂਮ ਜਾਨ ਦਾ
ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਮੋਹੁੱਬਤ ‘ਚ ਕੀ ਬਣਨਾ ਏ ਮੇਰਾ..!!