ए नसीब जरा एक बात तो बता,
तू सबको आज़माता है
या मुझसे ही दुश्मनी है 🥀
ए नसीब जरा एक बात तो बता,
तू सबको आज़माता है
या मुझसे ही दुश्मनी है 🥀
Koun rakhega yaad hame is daur-e-khudgarzi mein
Haalat aise hai ki logo ko khuda yad nahi rehta💯
कौन रखेगा याद हमे इस दौर-ए-खुदगरज़ी में
हालत ऐसे है कि लोगो को खुदा याद नहीं रहता💯
कहते थे साथ ना छोड़ेंगे हम,
आज वो रिश्ते यूँ रुसवा हो गए |
मेरी होंठो पे हंसी देखेंगे हर दम,
कहने वाले आज बेगाने हो गए|
आँखों में खुशियों की चमक देने वाले,
आज उदासी का आलम दे गए |
छोटी – सी बात का तल्ख क्यूँ इतना,
प्यार के वादे का हर जुमला झूठे हो गए |
इश्क में जला करते थे जो दिन – रात,
अब वो परवाने नफ़रत में जल गए |
हो जाती सुलह माफ़ी दिल में रखने से,
वो तो अपनी जिद के पैमाने हो गए|
हार में ही होती है, मुहब्बत की जीत
जीतने की जुस्तजू में वो जुदा हो गए |
दिल धड़कता था जिसके लिए हर पल,
वो दिल अब खौफजदा हो गए|
पहुंच जाते थे मेरी खामोशी में जो मुझ तक,
वही आज लफ्जों में अलविदा कह गए||