शाम से आँख में नमी सी है🥺🌷❤️
आज फिर आप की कमी सी है।🥺❤️🌷
Enjoy Every Movement of life!
शाम से आँख में नमी सी है🥺🌷❤️
आज फिर आप की कमी सी है।🥺❤️🌷
तुझें कुछ भी न करना हैं,
मुझको दिवाना बनाने के लिए,
तेरी ये आंखों का काजल ही काफी है,
मेरी धड़कनों को बढ़ाने के लिए….
पाया तुझें तो सपने भी सच लगने लगे,
तुम अज़नबी से आज मेंरे अपने लगने लगे,
होता नहीं यकीन अपने खुद के किस्मत पर,
तुम मेरी धड़कन में कुछ इस तरह बसने लगे..
Zindagi ka safar hai anjaana,
Har kona chhupa hai ek naya fasana.
Khoj mein lage hain hum,
raaz e zindagi ke,
Har muskurahat ke peeche chhupa hai ek raaz gehra.