कभी सोचो वो किस्से,
कभी कहो वो बाते ,
कहना तो है ही,
तो वो दिन आज क्यों नहीं,
आँसुओं से ही सही ,
कह दो वो बाते,
कहना तो है ही,
आँखों की बरसातों से ही सही।
कभी सोचो वो किस्से,
कभी कहो वो बाते ,
कहना तो है ही,
तो वो दिन आज क्यों नहीं,
आँसुओं से ही सही ,
कह दो वो बाते,
कहना तो है ही,
आँखों की बरसातों से ही सही।
रखना है तो दिल में रखना इस मोहब्बत भरे चेहरे को,
ये वो चेहरा है जो रास्ते पर कभी नजर नहीं आता,
नज़र आते है गुलदस्ते कई जब गलियों में गुजरता हूं,
मै उन गुलदस्तों के लिए रास्ते पर कभी नज़र नहीं आता,
नजरबंद कर लेता हूं रास्ते सारे, दोस्तों के इंतेज़ार में,
यारों के अलावा रास्तों पर मुझे कोई नज़र नहीं आता....
Bhut mashruf ho shayad, jo hum ko bhool bethe ho,
Na ye pucha kaha pe ho, na yeh jana ke kaise ho💔
बहुत मशरूफ हो शायद, जो हम को भूल बैठे हो,
न ये पूछा कहाँ पे हो, न यह जाना कि कैसे हो।💔