

kine chalak si sohne sajjan
me hairaan haa ohna de darshan dargaah karke
kade khand naalo mithe lagde si
ajh lagde aah fiki chaah warge
ਕਿੰਨੇ ਚਲਾਕ ਸੀ ਸੋਹਣੇ ਸੱਜਣ
ਮੈ ਹੈਰਾਨ ਹਾਂ ਉਹਨਾ ਦੇ ਦਰਸ਼ਨ ਦਰਗਾਹ ਕਰਕੇ
ਕਦੇ ਖੰਡ ਨਾਲੋਂ ਮਿੱਠੇ ਲੱਗਦੇ ਸੀ
ਅੱਜ ਲੱਗਦੇ ਆਹ ਫਿੱਕੀ ਚਾਹ ਵਰਗੇ….
खत्म कर चुका खुद को अंदर से
बस बाहर से जालना बाकी है
भीड़ लगी है मजार पर गैरो की ,
बस अपनों का आना बाकी है
जीते जी सबको हसाया बहोत है ,
बस जाते – जाते सबको रुलाया बाकी है ।
याद करके उसे ,रोये बहोत है
जाते जाते उसे रुलाना बाकी है
खवाब देखे थे साथ के उसके कुछ
जाते हुये उन्हे दफनाना बाकी है ।
यू ना रुखसत करो विरानियत से
अभी मेरी अर्थी को सजाना बाकी है ,
यू तो गुजरा हु बहोत बार अंधेरों से
बीएस आखिरी दफा दिल्ल को जलाना बाकी है ।