agar kabhi koi daur kharab aaye tumhari Zindagi Mai agar, tho uss daur ko yaad krna
Jab tumse Mai Mila tha,…..
Zindagi be jise tohfa khoobsurati ka Diya vo shaks tun ho, jise kinara Kar Diya vo kharab daur ham hai
agar kabhi koi daur kharab aaye tumhari Zindagi Mai agar, tho uss daur ko yaad krna
Jab tumse Mai Mila tha,…..
Zindagi be jise tohfa khoobsurati ka Diya vo shaks tun ho, jise kinara Kar Diya vo kharab daur ham hai
जो बीत गई सो बात गई
जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया
अम्बर के आनन को देखो
कितने इसके तारे टूटे
कितने इसके प्यारे छूटे
जो छूट गए फिर कहाँ मिले
पर बोलो टूटे तारों पर
कब अम्बर शोक मनाता है
जो बीत गई सो बात गई
जीवन में वह था एक कुसुम
थे उसपर नित्य निछावर तुम
वह सूख गया तो सूख गया
मधुवन की छाती को देखो
सूखी कितनी इसकी कलियाँ
मुर्झाई कितनी वल्लरियाँ
जो मुर्झाई फिर कहाँ खिली
पर बोलो सूखे फूलों पर
कब मधुवन शोर मचाता है
जो बीत गई सो बात गई
जीवन में मधु का प्याला था
तुमने तन मन दे डाला था
वह टूट गया तो टूट गया
मदिरालय का आँगन देखो
कितने प्याले हिल जाते हैं
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं
जो गिरते हैं कब उठतें हैं
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है
जो बीत गई सो बात गई
मृदु मिटटी के हैं बने हुए
मधु घट फूटा ही करते हैं
लघु जीवन लेकर आए हैं
प्याले टूटा ही करते हैं
फिर भी मदिरालय के अन्दर
मधु के घट हैं मधु प्याले हैं
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट प्यालों पर
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है चिल्लाता है
जो बीत गई सो बात गई
tum bhi badhe bhole ho
har ek jhooth ko sach maante ho
ham subah kush to shaam ko kush
aur tumhe lagta hai, tum hame jante ho
तुम भी बड़े भोले हो,
हर एक झूठ को सच मानते हो।।
हम सुबह कुछ तो शाम को कुछ,और तुम्हे लगता है , तुम हमें जानते हो।।