हजार बार माफ किया तुमने एक आखिरी दफा भी कर दो ना
दिल वीरान हो गया है तेरे जाने से एसे भर दो ना
तेरी खामोशिया पल-पल मारेगी मुझे
अपना समझ ही फिर अपना कर दो ना
लाख बुरा हूँ चाहे मैं
पर हूँ तो तेरा समझो ना ….. एक आखिरी दफा माफ करो दो ना ।
तुझसे दूर जाऊ भी तो जाऊ कैसे टूजसे मेरी रूह जुड़ गयी है
तुझे नाराज करके मेरी रूह मेरे जिस्म से उड़ गयी है ,
अपने गले लगा के कह दे की तू मेरी है
तुझे फिर देखने को मेरी आँख तरस गयी है ।
Mana ki zindagi imtihaan leti hai kabhi khushiyan to kabhi gam deti hai kon tai krega manzil takk ka safar apna musafir bhi pehchan leti hai 🍂
माना कि ज़िंदगी इम्तिहान लेती है कभी खुशियां तो कभी गम देती है कौन तय करेगा मंज़िल तक का सफर अपना मुसाफिर भी पहचान लेती है 🍂